भिवाड़ी की रामको मेटल फैक्ट्री में भीषण आग, कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी; बचाव अभियान जारी
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित यूआईटी औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब लोहे की शीट बनाने वाली रामको मेटल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
ऑयल टैंकर से शुरू हुई आग, फैक्ट्री तक पहुंचीं लपटें
प्रत्यक्षदर्शियों और फैक्ट्री कर्मचारियों के अनुसार आग सबसे पहले पड़ोसी कंपनी की छत पर रखे एक ऑयल टैंकर में लगी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और उसकी लपटें पास स्थित रामको मेटल फैक्ट्री तक पहुंच गईं। फैक्ट्री में ज्वलनशील सामग्री और औद्योगिक उपकरण होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। कुछ ही मिनटों में पूरा परिसर धुएं और आग की चपेट में आ गया, जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए अपनाए अलग-अलग रास्ते
घटना के समय फैक्ट्री के भीतर कई कर्मचारी काम कर रहे थे, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। आग फैलते ही कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए। कर्मचारियों ने बताया कि कुछ लोगों को फैक्ट्री के पिछले दरवाजे से बाहर निकाला गया, जबकि कई कर्मचारियों ने जान बचाने के लिए पिछली दीवार फांदकर बाहर निकलने का रास्ता चुना। समय रहते निकासी होने से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि अंदर मौजूद लोगों की सही संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाला मोर्चा
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। यूआईटी थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है। दमकलकर्मी आग को आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। घना धुआं और तेज लपटें राहत कार्य में चुनौती बनी हुई हैं, लेकिन टीमों द्वारा लगातार स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश की जा रही है।
अंदर फंसे लोगों की आशंका, तलाश जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि फैक्ट्री के भीतर कोई व्यक्ति फंसा हुआ है या नहीं। इसी संभावना को देखते हुए बचाव दल द्वारा फैक्ट्री परिसर की तलाशी ली जा रही है। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी तैयार रखे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी कर्मचारियों का सत्यापन किया जा रहा है ताकि किसी के लापता होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
आग लगने के कारणों की होगी जांच
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा घटना की जांच की जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर ऑयल टैंकर में लगी आग को मुख्य वजह माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं।