मानसून से पहले जयपुर में बड़ी कार्रवाई: झुकी इमारत ढहाई, जर्जर भवनों को खाली कराने का अभियान तेज
जयपुर में मानसून से पहले संभावित हादसों को रोकने के लिए नगर निगम ने जर्जर और खतरनाक भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में रामगंज क्षेत्र में स्थित एक झुकी हुई बहुमंजिला इमारत को नियंत्रित तरीके से ध्वस्त किया गया। निगम का कहना है कि कमजोर संरचनाओं की पहचान कर उन्हें खाली कराया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की जनहानि न हो।
रामगंज में खतरनाक भवन पर चला निगम का बुलडोजर
पुराने शहर के रामगंज इलाके में जगन्नाथ शाह के रास्ते स्थित एक जर्जर भवन को गुरुवार सुबह नगर निगम की निगरानी में गिराया गया। कार्रवाई सुबह से ही शुरू कर दी गई थी, जहां मजदूरों ने पहले भवन के प्रमुख हिस्सों और पिलरों को कमजोर किया। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरी संरचना को नियंत्रित तरीके से धराशायी किया गया। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया, ताकि किसी भी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। भवन लंबे समय से झुका हुआ था और स्थानीय लोगों के लिए खतरा बना हुआ था।
अतिरिक्त मंजिल निर्माण से बढ़ा खतरा
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार भवन की स्थिति पहले से ही कमजोर थी, लेकिन हाल ही में उस पर अतिरिक्त मंजिल बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया था। इसी दौरान भवन का झुकाव और बढ़ गया, जिससे उसके गिरने का खतरा कई गुना बढ़ गया। निगम ने पहले भवन मालिक को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्देशों की अनदेखी की गई। इसके बाद प्रशासन ने भवन को असुरक्षित घोषित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया।
स्थानीय लोगों ने भी जताई चिंता
आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि भवन की नींव काफी समय से कमजोर थी और उसमें दरारें भी दिखाई देने लगी थीं। इसके बावजूद उस पर अतिरिक्त निर्माण किया जा रहा था, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई थी। स्थानीय निवासियों ने राहत जताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि भवन मानसून तक खड़ा रहता तो किसी भी समय गिर सकता था और आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा सकता था।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी हुई कार्रवाई
भवन गिराने की कार्रवाई के दौरान किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, सिविल डिफेंस और विद्युत विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। बिजली विभाग ने एहतियात के तौर पर पहले ही भवन की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले आसपास के इलाके की विद्युत सप्लाई भी अस्थायी रूप से रोक दी गई। प्रशासन ने पूरे ऑपरेशन को सुरक्षा मानकों के अनुरूप अंजाम दिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
मानसून से पहले जारी रहेगा अभियान
नगर निगम का कहना है कि शहरभर में जर्जर और खतरनाक भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। जिन इमारतों को असुरक्षित पाया जा रहा है, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। निगम का उद्देश्य मानसून के दौरान भवन ढहने जैसी घटनाओं को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में भी ऐसे भवनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।