#Uncategorized #क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

16 साल बाद कानून पर भरोसा: समझाइश से 17 स्थायी वारंटी खुद पहुंचे पुलिस के पास”

गोविंदगढ़।

पुलिस की पहचान आमतौर पर सख्ती और कार्रवाई से जुड़ी होती है, लेकिन गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने एक अलग मिसाल पेश करते हुए यह साबित किया है कि संवाद और विश्वास भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के सशक्त माध्यम हो सकते हैं।

राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे स्थायी वारंटियों की धरपकड़ अभियान के तहत गोविंदगढ़ थाना पुलिस ने 16 वर्षों से फरार चल रहे 17 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि इन आरोपियों को पकड़ने में बल प्रयोग नहीं, बल्कि एक कांस्टेबल की समझाइश ने अहम भूमिका निभाई।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2010 में गो-तस्करी के एक मामले में नामजद किए गए ये सभी आरोपी लंबे समय से फरार थे। आरोपी उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं। थाना के कांस्टेबल गोपीचंद ने लगातार संपर्क बनाए रखते हुए आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।

कांस्टेबल की इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि सभी 17 आरोपी बुधवार को स्वयं गोविंदगढ़ थाना पहुंचे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

पुलिस के अनुसार आरोपियों में वीरेश, कालीचरण, गोवर्धन, रिछपाल और श्रवण सिंह सहित कुल 17 लोग शामिल हैं। वहीं आरोपियों का कहना है कि वर्ष 2010 में वे बैलों का व्यापार करते थे और पशुओं को पैदल अपने गांव ले जा रहे थे। इसी दौरान उन पर गो-तस्करी का मामला दर्ज कर लिया गया था।

यह पूरी कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि कानून का सम्मान केवल कठोरता से ही नहीं, बल्कि संवाद, समझाइश और विश्वास के माध्यम से भी स्थापित किया जा सकता है। वर्षों से फरार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया में शामिल कराना पुलिस की एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल के रूप में सामने आया है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *