अवैध शराब तस्करी का बड़ा खुलासा: चावल की बोरियों में छिपी 90 लाख की खेप
डूंगरपुर जिले में पुलिस ने शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए चौंकाने वाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। “ऑपरेशन स्वच्छता” के तहत रतनपुर बॉर्डर पर की गई नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक से करीब 90 लाख रुपये की चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब जब्त की गई। यह शराब चावल की बोरियों के नीचे बेहद शातिर तरीके से छिपाकर ले जाई जा रही थी ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।
एनएच-48 पर नाकाबंदी में पकड़ा गया संदिग्ध ट्रक
पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने एनएच-48 पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जा रहे एक संदिग्ध टाटा ओपन बॉडी ट्रक को रोककर जांच की गई। ट्रक पर ऊपर से तिरपाल और नीचे चावल की बोरियों का ढेर देखकर सामान्य लग रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया। बोरियों को हटाने पर नीचे शराब के कार्टन छिपे मिले, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई।
846 कार्टन शराब बरामद, बाजार कीमत 90 लाख रुपये
जांच के दौरान पुलिस ने ट्रक से कुल 846 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की, जिन पर “For Sale Only in Chandigarh” लिखा हुआ था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई है। यह खेप अवैध रूप से राजस्थान के रास्ते अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रही थी। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और इसे तस्करी में इस्तेमाल किए गए माध्यम के रूप में जांच में शामिल किया गया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस ने मौके से ट्रक चालक योगेश (निवासी पोरबंदर, गुजरात) को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है ताकि इस तस्करी रैकेट के पीछे के मास्टरमाइंड और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। पुलिस का मानना है कि यह कोई संगठित गिरोह हो सकता है, जो कई राज्यों में अवैध शराब सप्लाई कर रहा है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अन्य लिंक और ठिकानों की भी जांच कर रही है।
पुलिस टीम की सतर्कता से बड़ी सफलता
इस पूरी कार्रवाई में रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल जोगेंद्र सिंह, कुंदन सिंह, फतहलाल, कपिल और गौरव की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी तस्करी रोकने में सफलता मिली। स्थानीय प्रशासन ने भी इस कार्रवाई की सराहना की है और कहा है कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।