टि्वशा मौत मामला: CBI ने किया क्राइम सीन रीक्रिएट, फंदा खोलने से लेकर शव उतारने तक दोहराया गया घटनाक्रम
भोपाल के चर्चित टि्वशा शर्मा मौत मामले में जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का क्राइम सीन रीक्रिएशन किया। इस दौरान डमी का इस्तेमाल कर फंदा खोलने, शव उतारने और घटना के समय की परिस्थितियों को दोबारा समझने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी अब हर उस कड़ी को जोड़ने में जुटी है, जिससे टि्वशा की मौत की असल वजह सामने आ सके।
CBI ने दो घंटे तक किया क्राइम सीन रीक्रिएशन
मामले की गहन जांच के तहत CBI की विशेष टीम सोमवार को गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। अधिकारियों ने फोरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक घटनास्थल का पुनर्निर्माण किया। जांच के दौरान भारी वजन वाली डमी का इस्तेमाल किया गया, ताकि उस समय की परिस्थितियों को वास्तविक रूप से समझा जा सके। टीम ने घटनास्थल की माप-जोख की और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान पहले दिए गए बयानों से किया। पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिससे जांच के दौरान किसी भी पहलू की दोबारा समीक्षा की जा सके।
फंदा खोलने और शव उतारने की प्रक्रिया दोहराई गई
रीक्रिएशन के दौरान समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह से उस दिन की गतिविधियों को दोबारा प्रदर्शित करने के लिए कहा गया। जांच में यह समझने का प्रयास किया गया कि फंदा किस प्रकार खोला गया और शव को नीचे कैसे उतारा गया था। सूत्रों के अनुसार, दोनों ने मिलकर उस पूरी प्रक्रिया को दोहराया, जिसे घटना के समय अपनाया गया बताया जा रहा है। CBI यह जानना चाहती है कि घटनास्थल पर हुई गतिविधियां और अब तक दिए गए बयान आपस में कितना मेल खाते हैं।
समर्थ और गिरिबाला से पूछे गए कई अहम सवाल
जांच एजेंसी ने दोनों से घटना के समय मौजूद लोगों, सूचना देने की प्रक्रिया और बाद की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि सबसे पहले टि्वशा को किसने देखा, पुलिस को सूचना कब और कैसे दी गई तथा अस्पताल ले जाने में क्या परिस्थितियां रहीं। इसके अलावा शरीर पर मिले चोटों के निशानों और घरेलू विवादों से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल पूछे गए। CBI इन जवाबों को उपलब्ध भौतिक साक्ष्यों और फोरेंसिक रिपोर्ट के साथ मिलाकर जांच रही है।
फरारी के दौरान किसने की मदद, अब इस एंगल पर फोकस
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू समर्थ सिंह की कथित फरारी भी है। सूत्रों के मुताबिक CBI यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के बाद वह कहां-कहां रहा और उसे किसने सहायता उपलब्ध कराई। जांच एजेंसी उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिन्होंने कथित रूप से उसके ठहरने या आवाजाही में मदद की हो सकती है। इस संबंध में कई व्यक्तियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके।
इन सवालों के जवाब से सुलझ सकती है मौत की गुत्थी
CBI की जांच फिलहाल कुछ अहम बिंदुओं पर केंद्रित है। इनमें टि्वशा के शरीर पर मिले चोटों के निशानों की वजह, घटना के बाद घर के भीतर हुई गतिविधियां, डिजिटल और सीसीटीवी साक्ष्यों की भूमिका तथा घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पुष्टि शामिल है। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या घटनास्थल के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ हुई थी और शुरुआती जांच में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई। इन्हीं सवालों के जवाब इस बहुचर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम साबित हो सकते हैं।