अलवर साइबर थाना पुलिस का बड़ा खुलासा: ठगी गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार
अलवर साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच कर रहे सब इंस्पेक्टर राजकुमार ने बताया कि अलवर के अपना घर शालीमार निवासी अशोक गुप्ता के साथ दिसंबर 2025 में करीब 12.5 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई थी।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों की जानकारी जुटाई गई, जिससे सामने आया कि इस साइबर ठगी गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश से जुड़े हुए हैं।
पुलिस के अनुसार इस मामले में मुख्य आरोपी बिहार का निवासी है और पूरे गिरोह में कुल सात आरोपी शामिल हैं। इनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अब तक की कार्रवाई में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी उदय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है, जो एक फैक्ट्री में मजदूरी करता है। जांच में सामने आया कि उसके नाम से बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठग हर महीने लगभग एक हजार रुपये किराए के बदले उसका इस्तेमाल करते थे। खाते में आने वाली ठगी की रकम पर आरोपी को कमीशन भी दिया जाता था।
पुलिस ने बताया कि गिरोह गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। कई मामलों में खाताधारकों के फर्जी हस्ताक्षर कर खाते संचालित किए जाते थे। खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज गिरोह के सदस्य अपने पास रखते थे और उन्हीं के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के खाते में करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, लेकिन खाते से जुड़े सभी दस्तावेज साइबर अपराधियों के कब्जे में थे। आरोपी केवल अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था, जबकि पूरे नेटवर्क का संचालन अन्य सदस्य करते थे।
साइबर थाना पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सात आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।