“राजस्थान पुलिस का एक ऐसा नाम… जिसे सुनते ही अपराधियों के दिल में डर और आम लोगों के दिल में भरोसा जाग जाता है।एक ऐसा अफसर… जिसने सिर्फ कानून नहीं संभाला, बल्कि इंसानियत की मिसाल भी पेश की।
हम बात कर रहे हैं IPS परिस देशमुख की… जिन्हें अब राजस्थान से रिलीव कर सीमा सुरक्षा बल यानी BSF में डीआईजी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एनकाउंटर में गोलियां खाईं… उग्र भीड़ के बीच फंसे पुलिसकर्मियों को बचाया… और शहीद के परिवार के लिए भाई बनकर ‘मायरा’ भी भरा…
आज की इस खास रिपोर्ट में देखिए—एक ‘रीयल लाइफ सिंघम’ की पूरी कहानी…”
“21 मई 2026… एक सरकारी आदेश के साथ राजस्थान पुलिस के जांबाज अफसर परिस देशमुख को नई जिम्मेदारी मिली…
अब वे सीमा सुरक्षा बल में डीआईजी के पद पर देश की सीमाओं की निगरानी करेंगे…
करीब 16 साल तक राजस्थान में कानून व्यवस्था संभालने के बाद अब उनकी नई पारी राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर शुरू हो रही है…”
“महाराष्ट्र के गोंदिया में जन्मे परिस देशमुख बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे…
उन्होंने महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की…
करियर की शुरुआत उन्होंने एक सॉफ्टवेयर ट्रेनर के तौर पर की… जहां वे NDA के कैडेट्स को ट्रेनिंग देते थे…
यहीं से उनके अंदर वर्दी पहनकर देश सेवा का जज्बा जागा…
और साल 2010 में उन्होंने UPSC पास कर IPS बनने का सपना पूरा किया…”
“IPS बनने के बाद राजस्थान कैडर मिला… और अलवर के भिवाड़ी में उनकी पहली पोस्टिंग हुई…
साल 2013… मेवाती गैंग का आतंक अपने चरम पर था…
हाईवे पर लूटपाट और गाड़ियों की चोरी आम बात थी…
एक रात सूचना मिली… और युवा ASP परिस देशमुख अपनी टीम के साथ बदमाशों को पकड़ने निकल पड़े…”
अलवर में “मुगास्का गांव के पास पुलिस ने बदमाशों को घेरा…
लेकिन खुद को घिरा देख अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी…
गोली के छर्रे परिस देशमुख के चेहरे और शरीर में लगे…
वे घायल हुए… लेकिन पीछे नहीं हटे…
टीम ने बहादुरी दिखाते हुए दो बड़े वाहन चोरों को गिरफ्तार किया…
जिन्होंने 30 से ज्यादा गाड़ियां लूटने का जुर्म कबूला…”
“साल 2017… कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर के बाद नागौर में बवाल भड़क उठा…
हजारों की भीड़… आगजनी… पथराव…
GRP थाने में फंसे पुलिसकर्मी…
ऐसे हालात में एसपी परिस देशमुख खुद मैदान में उतरे…
भीड़ के बीच घुसकर अपने साथियों को बाहर निकाला…
इस दौरान वे खुद घायल हुए… लेकिन एक बड़ा हादसा टल गया…”
“एक तरफ सख्त पुलिस अधिकारी…
तो दूसरी तरफ बेहद संवेदनशील इंसान…
नागौर हिंसा में शहीद हुए कांस्टेबल खुमाराम को वे कभी नहीं भूले…
साल 2023 में जब शहीद की बहन की शादी हुई…
तो परिस देशमुख खुद ‘भाई’ बनकर मायरा लेकर पहुंचे…
उन्होंने हर रस्म निभाई… और पूरे परिवार को सहारा दिया…
इस तस्वीर ने पूरे राजस्थान को भावुक कर दिया…”
“जयपुर में SOG में तैनाती के दौरान उन्होंने शिक्षा माफिया पर बड़ा प्रहार किया…
फर्जी डिग्री रैकेट का पर्दाफाश किया…
और OPJS यूनिवर्सिटी से जुड़े कई आरोपियों को जेल पहुंचाया…
इस कार्रवाई ने पूरे देश में हलचल मचा दी…”
“उनकी बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए साल 2024 में उन्हें ‘पुलिस विशेष कर्तव्य पदक’ से सम्मानित किया गया…
राजस्थान के कई संवेदनशील जिलों में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं…
और हर जगह अपनी अलग पहचान बनाई…”
“मैदान में बहादुरी… फैसलों में सख्ती… और दिल में इंसानियत…
यही पहचान है IPS परिस देशमुख की…
अब जब वे BSF में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं…
तो उम्मीद है कि देश की सीमाओं पर भी उनका वही ‘सिंघम’ अंदाज़ देखने को मिलेगा…