दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा: रॉन्ग साइड दौड़ रही बस पलटी, 40 श्रद्धालु घायल
राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी एक स्लीपर बस रॉन्ग साइड चलते हुए अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में बस में सवार करीब 40 यात्री घायल हो गए, जिनमें 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी यात्री गोवर्धन में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव अभियान शुरू करना पड़ा।
गोवर्धन जा रहे श्रद्धालुओं की यात्रा बनी हादसा
जानकारी के अनुसार, यह स्लीपर कोच बस मध्य प्रदेश के श्योपुर से उत्तर प्रदेश के गोवर्धन जा रही थी। बस में सवार अधिकांश यात्री धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालु थे, जो अधिक मास के दौरान ब्रज 84 कोस परिक्रमा और श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने जा रहे थे। यात्रियों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल थे। हादसे के बाद कई यात्री बस के भीतर फंस गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
ड्राइवर को आई झपकी, रॉन्ग साइड में पलटी बस
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा एक्सप्रेस-वे के चैनेज नंबर 139.6 पर हुआ। बताया जा रहा है कि बस तेज रफ्तार में थी और चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। इसी दौरान बस गलत दिशा में चली गई और संतुलन बिगड़ने से सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में पलट गई। हादसे में घायल यात्री ललिता गोयल ने बताया कि वे सवाई माधोपुर से बस में सवार हुई थीं और गोवर्धन जी में कथा सुनने जा रही थीं। उन्होंने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा और कुछ ही सेकंड में बस गड्ढे में पलट चुकी थी।
6 यात्रियों की हालत गंभीर, अलवर रेफर
घटना की सूचना मिलते ही NHAI और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। रैणी थाना पुलिस ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर घायलों को एम्बुलेंस की मदद से पिनान अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, हादसे में घायल 6 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बाकी घायलों का प्राथमिक उपचार जारी है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि गंभीर घायलों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ यात्रियों को अंदरूनी चोटें भी आई हैं।
जेसीबी और क्रेन से हटाई गई दुर्घटनाग्रस्त बस
सभी घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने के बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात सामान्य करने का काम शुरू किया गया। एनएचएआई की टीम ने जेसीबी और क्रेन की मदद से गड्ढे में गिरी बस को बाहर निकलवाया। काफी देर तक मौके पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस अब दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। एक्सप्रेस-वे पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते हादसे बने चिंता का कारण
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। तेज रफ्तार, लंबी दूरी की ड्राइविंग और लापरवाही कई दुर्घटनाओं की वजह बन रही है। इससे पहले भी इसी एक्सप्रेस-वे पर एक सीएनजी कार में आग लगने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे रूट पर चलने वाले चालकों की नियमित जांच, पर्याप्त आराम और ट्रैफिक नियमों की सख्ती से पालन कराना बेहद जरूरी है। प्रशासन अब इस हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने की तैयारी में है।