ट्विशा मौत केस के 8 सवाल, जिनसे खुल सकता है पूरा सच
Twisha Sharma की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। Bhopal में हुई इस घटना ने अब कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि मौत के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की गई और प्रभावशाली लोगों से संपर्क कर मामले को प्रभावित करने की कोशिश हुई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। ट्विशा का शव कई दिनों से मोर्चरी में रखा है और परिवार सीबीआई जांच की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनके जवाब पूरे केस की दिशा बदल सकते हैं।
मौत से पहले आखिरी एक घंटे में क्या हुआ?
परिवार का सबसे बड़ा सवाल यह है कि मौत से पहले आखिरी 60 मिनट में क्या हुआ था। ट्विशा छत पर क्यों गई थीं और उस दौरान घर में कौन-कौन मौजूद था? अगर कोई विवाद हुआ था तो उसकी जानकारी अब तक सामने क्यों नहीं आई? परिवार का आरोप है कि उस समय मौजूद लोगों ने समय रहते मदद नहीं की। जांच एजेंसियों के लिए यह सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि इसी दौरान हुई घटनाएं मौत की असली वजह तक पहुंचा सकती हैं।
अस्पताल ले जाने में देरी क्यों हुई?
परिजनों का कहना है कि अगर यह आत्महत्या का मामला था, तो ट्विशा को तुरंत अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया। सवाल उठ रहे हैं कि कहीं घटनास्थल को व्यवस्थित करने या सबूत हटाने की कोशिश तो नहीं की गई। परिवार का आरोप है कि मौत के बाद की गतिविधियां बेहद संदिग्ध थीं। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियों पर हर मिनट की गतिविधि खंगालने का दबाव बढ़ गया है।
मौत से पहले भेजे गए मैसेज क्या बताते हैं?
बताया जा रहा है कि ट्विशा ने मौत से पहले अपनी मां और बहन को कई मैसेज भेजे थे। इन संदेशों को केस का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। परिवार का दावा है कि मैसेज में मानसिक दबाव और परेशानियों के संकेत थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या ट्विशा किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या दबाव में थीं। इन मैसेज का पूरा सच सामने आने पर केस की तस्वीर बदल सकती है।
क्या ट्विशा लगातार दबाव में थीं?
परिवार ने आरोप लगाया है कि ट्विशा ने पहले भी अपने पति Samarth Singh को लेकर गंभीर बातें बताई थीं। दावा किया गया कि उनसे उनके गर्भ को लेकर सवाल पूछे जाते थे। ऐसे आरोपों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रही थीं। जांच एजेंसियों के लिए यह पहलू बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
घटनास्थल की जांच कितनी निष्पक्ष हुई?
परिवार का आरोप है कि घटनास्थल पर मौजूद कई अहम सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका है। सवाल यह भी उठ रहा है कि पुलिस ने मौके को कितनी जल्दी सील किया और फॉरेंसिक टीम ने कितनी गहराई से जांच की। अगर शुरुआती जांच में लापरवाही हुई है, तो इससे केस की दिशा प्रभावित हो सकती है। इसी कारण परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर क्यों उठ रहे सवाल?
ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। शरीर पर मिले निशान और चोटों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। परिवार का कहना है कि रिपोर्ट पूरी सच्चाई सामने नहीं ला रही। यही वजह है कि दोबारा पोस्टमार्टम और उच्च स्तरीय मेडिकल जांच की मांग की जा रही है। अब यह सवाल जांच के केंद्र में है कि मौत की वास्तविक वजह क्या थी।
आत्महत्या या फिर कोई बड़ा राज?
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि यह आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई और साजिश छिपी हुई है। परिवार का कहना है कि परिस्थितियां सामान्य नहीं थीं और कई तथ्य अब भी सामने आना बाकी हैं। जांच एजेंसियां अब हर एंगल से मामले को देख रही हैं ताकि यह साफ हो सके कि ट्विशा ने खुद जान दी या उन्हें किसी हालात ने उस स्थिति तक पहुंचाया।
मौत के बाद किए गए कॉल पर क्यों मचा विवाद?
परिवार ने दावा किया है कि मौत के अगले दिन ट्विशा की सास Giribala Singh ने 46 नंबरों पर कॉल किए। आरोप है कि इनमें प्रभावशाली लोग, जज और तकनीकी कर्मचारी शामिल थे। अब सवाल उठ रहा है कि इन कॉल्स का उद्देश्य क्या था और आखिर इतनी जल्दी इतने लोगों से संपर्क क्यों किया गया। यही वजह है कि परिवार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।