जनसुनवाई में उठीं मूलभूत सुविधाओं की समस्याएं, टीकाराम जूली ने सरकार पर साधा निशाना
अलवर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शनिवार को मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय पर जनसुनवाई आयोजित कर आमजन की समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सुने। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
जूली ने कहा कि जनसुनवाई महज औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं को समझने और उनके समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया, जबकि अन्य मामलों में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक शिकायतें सड़कों की खराब स्थिति, पेयजल संकट, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सामने आईं।
इस दौरान जूली ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में खनन माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे अरावली पर्वतमाला और सरिस्का क्षेत्र पर खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने सीटीएच को भी बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि विपक्ष ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक सरकारें आमजन के मुद्दों पर सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। मीटिंगों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बावजूद आम लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
ईआरसीपी परियोजना को लेकर भी जूली ने सरकार को घेरा और कहा कि चुनाव के समय इसे बड़े स्तर पर प्रचारित किया गया, लेकिन अब यह कहीं नजर नहीं आ रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी की मांग करने वालों के खिलाफ ही मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
जूली ने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और पेट्रोल, डीजल व गैस सिलेंडर के दाम आम आदमी की कमर तोड़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में गुंडाराज जैसी स्थिति बन गई है और माफियाओं का बोलबाला बढ़ रहा है।