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मां के संघर्ष और बेटे की मेहनत रंग लाई, गोविंदगढ़ के रौनक खंडेलवाल बने IFS अधिकारी, हासिल की 76वीं रैंक

गोविंदगढ़ (अलवर) पिता के निधन के बाद जहां एक ओर परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं मां के हौसले और बेटे की कड़ी मेहनत ने उस कठिन दौर को सफलता में बदल दिया।

गोविंदगढ़ के रौनक खंडेलवाल ने भारतीय वन सेवा (IFS) परीक्षा में देशभर में 76वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मदर्स डे के अवसर पर मिली यह सफलता उनके परिवार के लिए और भी खास बन गई। खंडेलवाल नवयुवक मंडल के अध्यक्ष सोनू खंडेलवाल ने बताया कि संस्था की ओर से रौनक खंडेलवाल का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान क्षेत्र और कस्बे का नाम रोशन करने पर उन्हें शुभकामनाएं दी गईं। रौनक ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां अन्नु देवी को दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान उनके पिता लक्ष्मण खंडेलवाल का निधन हो गया था, जो मंडी में आढ़तिया थे। इस कठिन समय में उनकी मां ने पूरे परिवार को संभाला और बच्चों के सपनों को टूटने नहीं दिया। हर मुश्किल घड़ी में उन्होंने हिम्मत और आगे बढ़ने का विश्वास बनाए रखा।

रौनक ने बेंगलुरु से बीटेक करने के बाद वर्ष 2021 में दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। शुरुआती प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा—पहले प्री मेंस नहीं निकला, फिर दूसरे प्रयास में मेंस तक पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भारतीय वन सेवा को लक्ष्य बनाकर तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि IFS परीक्षा में प्रतियोगिता काफी कठिन होती है, जहां सीमित सीटों के कारण कटऑफ भी अधिक रहता है। पहले प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन पर्याप्त तैयारी के अभाव में चयन नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत किया, सीनियर्स से मार्गदर्शन लिया और दूसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ली।

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