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तमिलनाडु में सियासी भूचाल: कांग्रेस ने DMK से नाता तोड़ा, विजय की TVK के साथ नई सत्ता समीकरण की शुरुआत

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बीच कांग्रेस ने अपने पुराने सहयोगी DMK से दूरी बनाकर TVK के साथ हाथ मिला लिया है। Vijay की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिससे राज्य में सत्ता गठन के समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रीय स्तर पर INDIA ब्लॉक के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

TVK बनी सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से दूर

तमिलनाडु की 234 सीटों वाली विधानसभा में TVK ने 108 सीटें जीतकर खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित किया है। हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से वह अभी भी पीछे है। चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया कि इस बार मतदाताओं ने किसी एक दल को पूर्ण जनादेश नहीं दिया। ऐसे में सरकार गठन के लिए गठबंधन राजनीति ही एकमात्र रास्ता बचा है। TVK ने तेजी से समर्थन जुटाने की कोशिश शुरू कर दी है, जिससे राज्य में सत्ता संतुलन की लड़ाई और दिलचस्प हो गई है।

कांग्रेस का बड़ा फैसला, DMK से दूरी

Indian National Congress ने अपने लंबे समय के सहयोगी DMK को छोड़कर TVK के साथ जाने का फैसला लिया है। कांग्रेस का तर्क है कि यह कदम राज्य में एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने और नए जनादेश का सम्मान करने के लिए उठाया गया है। पार्टी को इस गठबंधन के जरिए 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी का मौका मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने समर्थन के बदले मंत्रिमंडल में भागीदारी की भी मांग रखी है।

DMK का हमला: ‘गद्दारी’ का आरोप

M. K. Stalin की अगुवाई वाली DMK ने कांग्रेस के इस कदम को ‘विश्वासघात’ करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस ने वर्षों पुराने गठबंधन को अचानक तोड़कर पीठ में छुरा घोंपा है। DMK ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने अपने नेताओं के DMK विरोधी बयानों पर कोई रोक नहीं लगाई। पार्टी ने अपने प्रस्ताव में यह तक कहा कि जिस तरह BJP अन्य राज्यों में गठबंधन तोड़ती रही है, वैसा ही व्यवहार कांग्रेस ने तमिलनाडु में किया है।

INDIA ब्लॉक पर संकट के संकेत

DMK के वरिष्ठ नेताओं ने साफ शब्दों में कहा है कि इस घटनाक्रम के बाद INDIA ब्लॉक का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। सहयोगी दलों—जैसे Communist Party of India, Communist Party of India (Marxist) और VCK—ने फिलहाल अपने रुख पर विचार करने की बात कही है। इन दलों का अंतिम फैसला आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेगा। अगर ये पार्टियां TVK का समर्थन करती हैं, तो सत्ता समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।

राज्यपाल की सख्ती, बहुमत का सबूत जरूरी

तमिलनाडु के राज्यपाल R. N. Ravi ने Vijay को सरकार बनाने के लिए स्पष्ट बहुमत साबित करने को कहा है। उन्होंने 118 विधायकों के समर्थन के साथ आने की शर्त रखी है। इससे पहले भी विजय 112 विधायकों के समर्थन का दावा कर चुके हैं, लेकिन लिखित समर्थन के अभाव में उन्हें मौका नहीं मिला। राज्यपाल ने संकेत दिया है कि संवैधानिक प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाएगा और बिना ठोस समर्थन के किसी को भी सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा।

समर्थन जुटाने में जुटी TVK, बढ़ी राजनीतिक हलचल

TVK अब वामपंथी दलों, VCK और IUML जैसे सहयोगियों से संपर्क कर रही है ताकि बहुमत का आंकड़ा पार किया जा सके। कांग्रेस के समर्थन के बाद भी पार्टी को कुछ और विधायकों की जरूरत है। राज्य में विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के करीब है, जिससे राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित होंगे, जहां हर दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटा हुआ है।

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