अजमेर में महिला कांस्टेबल शोषण मामला: शादी के झांसे, ब्लैकमेल और करोड़ों की ठगी के आरोप से मचा हड़कंप
राजस्थान के अजमेर से पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला कांस्टेबल ने अपने ही विभाग के एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और लाखों रुपये की ठगी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने विश्वास का फायदा उठाकर उसकी निजी जिंदगी को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि मुख्य आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।
दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता, फिर बढ़ा भरोसे का दायरा
पीड़िता के अनुसार वह पिछले कई वर्षों से राजस्थान पुलिस में कार्यरत है। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह लंबे समय से अकेले रह रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात एक साथी कांस्टेबल से हुई, जिसने धीरे-धीरे उसकी जिंदगी में दखल देना शुरू कर दिया। शुरुआत में आरोपी ने खुद को मददगार और भरोसेमंद बताकर महिला का विश्वास जीता। बाद में उसने शादी का वादा कर संबंध बनाए और आर्थिक मामलों में भी दखल देना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि आरोपी ने भावनात्मक रूप से कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया।
नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म और वीडियो से ब्लैकमेल का आरोप
महिला कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि आरोपी ने सरकारी आवास पर बुलाकर उसे नशीला पदार्थ पिलाया और उसकी हालत बिगड़ने के बाद दुष्कर्म किया। होश आने पर उसे अश्लील फोटो और वीडियो दिखाकर धमकाया गया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे मानसिक दबाव में रखता था। डर और बदनामी के कारण वह लंबे समय तक चुप रही। आरोप है कि इसी ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपी ने महिला से बड़ी रकम भी वसूली और उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा।
लाखों की ठगी और गहने हड़पने के गंभीर आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने निवेश और प्रॉपर्टी के नाम पर महिला से लाखों रुपये लिए। महिला का आरोप है कि कई वर्षों के दौरान उससे करीब 28 लाख रुपये अलग-अलग माध्यमों से ऐंठे गए। इतना ही नहीं, उसके नाम पर लोन लेकर वाहन खरीदा गया और सोने के गहनों को भी अपने कब्जे में लेकर बैंक में गिरवी रख दिया गया। जब पीड़िता ने विरोध किया तो उसे जान से मारने और अपराधियों से हमला करवाने की धमकियां दी गईं। इन आरोपों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
जबरन गर्भपात और परिवार पर दबाव डालने का आरोप
पीड़िता ने शिकायत में कहा कि आरोपी के साथ संबंधों के दौरान वह गर्भवती हो गई थी, लेकिन आरोपी ने दबाव बनाकर उसका गर्भपात करवा दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी नशे की हालत में उसके घर आता था और उसके छोटे बच्चे के सामने भी अशोभनीय हरकतें करता था। इस कारण बच्चे पर भी मानसिक असर पड़ा। मामले में बच्चे की मौजूदगी और कथित मानसिक उत्पीड़न को देखते हुए पुलिस ने पोक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी हैं। महिला का कहना है कि आरोपी ने उसे पति से अलग होने के लिए उकसाया, लेकिन खुद अपने परिवार से अलग नहीं हुआ।
पुलिस जांच शुरू, आरोपी कांस्टेबल निलंबित
मामले के सामने आने के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने आरोपी कांस्टेबल और उसके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, सोशल मीडिया चैट, फोटो और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं विभागीय स्तर पर भी आरोपी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह मामला अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।