तमिलनाडु में सत्ता का संग्राम तेज: कांग्रेस ने TVK को दिया समर्थन, DMK ने बताया ‘विश्वासघात’
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का ऐलान किया है। इस फैसले से कांग्रेस और Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के रिश्तों में दरार साफ नजर आने लगी है, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
कांग्रेस का रणनीतिक दांव
चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए TVK को समर्थन देने का फैसला किया। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय राज्य में धर्मनिरपेक्ष सरकार सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, उनका उद्देश्य ऐसी राजनीतिक ताकतों को सत्ता से दूर रखना है, जो उनकी विचारधारा के विपरीत हैं। बताया जा रहा है कि यह फैसला राज्य इकाई को दी गई स्वतंत्रता के तहत लिया गया, जिससे स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर रणनीति तय की जा सके।
DMK का तीखा विरोध
कांग्रेस के इस फैसले से Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) नाराज हो गई है। पार्टी नेताओं ने इसे गठबंधन धर्म के खिलाफ बताते हुए ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा कदम कहा है। DMK का आरोप है कि कांग्रेस ने बिना किसी परामर्श के एकतरफा निर्णय लिया, जिससे लंबे समय से चला आ रहा सहयोग कमजोर हुआ है। इस घटनाक्रम ने राज्य की विपक्षी राजनीति में भी अस्थिरता पैदा कर दी है और भविष्य के गठबंधन समीकरणों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार गठन का गणित
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के आंकड़े से अभी भी दूर है। पार्टी को सरकार बनाने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है, जिसमें कांग्रेस के विधायक अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस सरकार में शामिल होगी या बाहर से समर्थन देगी। इस अनिश्चितता के बीच अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका भी निर्णायक बन सकती है।
नेतृत्व स्तर पर बातचीत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता K. C. Venugopal ने संकेत दिया कि TVK नेतृत्व ने खुद समर्थन के लिए संपर्क किया था। इसके बाद पार्टी ने स्थिति का आकलन कर यह फैसला लिया। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान राज्य के राजनीतिक भविष्य और स्थिर सरकार की जरूरत पर जोर दिया गया। इस संवाद ने दोनों दलों के बीच संभावित सहयोग का रास्ता खोल दिया है, हालांकि अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है।
बदलते सियासी समीकरण
इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। जहां एक ओर कांग्रेस और TVK के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं, वहीं DMK खुद को अलग-थलग महसूस कर रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या यह नया गठजोड़ स्थायी रूप लेता है या राजनीतिक दबावों के चलते फिर कोई नया मोड़ आता है। फिलहाल राज्य की राजनीति अनिश्चितता और तेज बयानबाजी के दौर से गुजर रही है।