दौसा मर्डर केस में बड़ा फैसला: कांस्टेबल प्रहलाद सिंह हत्याकांड में 2 को उम्रकैद, 3 को 5 साल की सजा
राजस्थान के दौसा में चर्चित कांस्टेबल प्रहलाद सिंह राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपियों को कड़ी सजा देते हुए दो को आजीवन कारावास और तीन अन्य को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। इस फैसले से करीब दो साल पुराने इस बहुचर्चित मामले में न्याय की दिशा स्पष्ट हुई है।
अदालत का सख्त रुख: मुख्य आरोपियों को उम्रकैद
दौसा जिला एवं सत्र न्यायाधीश केशव कौशिक की अदालत ने इस मामले में दोषियों को सजा सुनाते हुए सौरभ जाट और नवीन सिनसिनवार को आजीवन कारावास दिया है। वहीं बंटी मीणा, शुभम सिंह जाट और जगवीर उर्फ जीतू मीणा को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
क्या था पूरा मामला: खेतों में छिपे आरोपियों ने चलाई गोली
यह घटना 23 अगस्त 2023 की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि कालाखोह बस स्टैंड के पास संदिग्ध युवक हथियारों के साथ देखे गए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए कांस्टेबल प्रहलाद सिंह राजपूत अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आरोपी बाजरे के खेतों में छिपे हुए थे। जैसे ही पुलिस टीम ने उन्हें घेरने की कोशिश की, आरोपियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें प्रहलाद सिंह को गोली लग गई।
इलाज के दौरान मौत, मिला शहीद का दर्जा
गंभीर रूप से घायल प्रहलाद सिंह को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर सिर से गोली निकाली गई। हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए उन्हें पुलिस शहीद का दर्जा दिया गया। उनकी याद में पुलिस लाइन में प्रतिमा भी स्थापित की गई, जिससे उनकी बहादुरी को हमेशा याद रखा जाएगा।
मजबूत पैरवी से मिला न्याय
इस मामले में लोक अभियोजक गोपाल लाल शर्मा ने अदालत में मजबूत पैरवी करते हुए साक्ष्य और गवाह पेश किए। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार किया। इस फैसले को पुलिस विभाग और परिजनों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी की प्रेरक कहानी
प्रहलाद सिंह राजपूत मूल रूप से नीमकाथाना क्षेत्र के चीपलाटा गांव के निवासी थे। उन्होंने वर्ष 2008 में राजस्थान पुलिस ज्वाइन की थी और अपनी सेवा के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। साल 2021 में उन्हें दौसा जिले की स्पेशल टीम में तैनात किया गया था। कर्तव्य के प्रति समर्पण और बहादुरी के कारण वे अपने साथियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।