धौलपुर जंगल में भीषण आग: 50 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित, 6 घंटे में काबू
राजस्थान में बढ़ती गर्मी के बीच धौलपुर के सोने का गुर्जा जंगल में भीषण आग लग गई, जिससे करीब 50 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। प्रशासन, वन विभाग और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से करीब 6 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
सोने का गुर्जा जंगल में भड़की आग
सोने का गुर्जा क्षेत्र में अचानक आग लगने से जंगल का बड़ा हिस्सा चपेट में आ गया। भीषण गर्मी और सूखी हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तुरंत दमकल की गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में बढ़ते आग के खतरे को उजागर कर दिया है।
दमकल, वनकर्मी और ग्रामीणों की कड़ी मेहनत
आग बुझाने के लिए बाड़ी, बसेड़ी, सरमथुरा और धौलपुर से फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी पानी के टैंकर उपलब्ध कराकर मदद की। करीब 6 घंटे तक लगातार चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकलकर्मियों, वन विभाग और ग्रामीण युवाओं ने मिलकर बड़ी मेहनत की, जिससे आग को आगे फैलने से रोका जा सका।
प्रशासन और अधिकारियों की निगरानी
घटना की सूचना मिलते ही धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के डीएफओ आशीष व्यास और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी गई। साथ ही अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था कर आग पर जल्द नियंत्रण पाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही राहत और नियंत्रण कार्यों की निगरानी की।
गर्मी बढ़ने से खतरा और बढ़ा
वन विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि सूखी घास और तेज हवाएं आग को तेजी से फैलाने में मदद करती हैं। इसलिए इस मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि जंगलों के आसपास कूड़ा या पराली न जलाएं और किसी भी तरह की चिंगारी से बचें। ऐसी घटनाएं न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बनती हैं। सामूहिक सतर्कता से ही इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।