भाखेड़ा के लिवारी गांव में महिला स्वास्थ्य शिविर, 385 महिलाओं-बालिकाओं का मुफ्त इलाज
Alwar के ग्रामीण क्षेत्र में “एक प्रयास” संस्था ने महिला स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हुए लिवारी गांव में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। इस शिविर में 385 महिलाओं और बालिकाओं का परीक्षण कर उन्हें मुफ्त उपचार और दवाइयां उपलब्ध कराई गईं।
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की अनूठी पहल
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाखेड़ा के लिवारी गांव में “एक प्रयास” वुमेन वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा मानव सेवा की प्रेरणादायक पहल की गई। जयसमंद रोड स्थित एक स्कूल परिसर में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुलभ चिकित्सा सुविधा प्रदान करना था। ग्रामीण परिवेश में इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सीमित होती है। संस्था ने इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का संदेश भी दिया।
385 लाभार्थियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
शिविर में सुबह से ही महिलाओं और बालिकाओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जो इस पहल की जरूरत और सफलता को दर्शाती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने करीब 300 महिलाओं और 85 बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। सभी को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। खास बात यह रही कि 80 वर्षीय वृद्ध महिला भी उपचार के लिए शिविर में पहुंचीं, जो इस आयोजन के प्रति लोगों के विश्वास को दर्शाता है। शिविर ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को काफी हद तक पूरा करने का प्रयास किया।
संस्था का लक्ष्य: स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा
संस्था की सदस्य गायत्री डाटा और अरुणा देवड़ा ने बताया कि “एक प्रयास” संगठन लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य और बालिकाओं की शिक्षा को लेकर काम कर रहा है। उनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से न केवल इलाज उपलब्ध कराया जाता है, बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर उन्हें जागरूक भी किया जाता है। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
गंभीर मरीजों को रेफर, इलाज का खर्च संस्था उठाएगी
शिविर के दौरान कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित महिलाओं की पहचान की गई, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अलवर के निजी अस्पतालों में रेफर किया गया। संस्था ने इन मरीजों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। इस निर्णय से जरूरतमंद महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और भरोसा भी मजबूत किया है कि समाज में उनके लिए सहायता के रास्ते खुले हैं।