मत्स्य विश्वविद्यालय दीक्षांत: 44 हजार डिग्रियां वितरित
Raj Rishi Bhartrihari Matsya University के छठे दीक्षांत समारोह में 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। कार्यक्रम में Haribhau Bagde ने शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता और कौशल विकास को प्राथमिकता देने पर जोर दिय
समग्र विकास पर शिक्षा का फोकस
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपनी शिक्षा को व्यवहार में उतारें और समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करना भी होना चाहिए। नैतिकता, जिम्मेदारी और चरित्र निर्माण को शिक्षा का मूल आधार बताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत
राज्यपाल ने National Education Policy 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य शिक्षा को सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है, ताकि देश आत्मनिर्भर बन सके। शिक्षकों से भी अपेक्षा की गई कि वे खुद को अपडेट रखें और विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान दें, जिससे वे नई चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
रिकॉर्ड डिग्री वितरण और सम्मान
इस समारोह में कुल 44,293 डिग्रियां वितरित की गईं, जिनमें स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों वर्ग शामिल रहे। इसके अलावा 40 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 49 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 1 कुलाधिपति पदक, 42 स्वर्ण पदक और 6 रजत पदक शामिल हैं। यह आंकड़ा विश्वविद्यालय के बढ़ते शैक्षणिक स्तर और विद्यार्थियों की मेहनत को दर्शाता है।
छात्राओं की सफलता बनी प्रेरणा
इस बार पदक विजेताओं में छात्राओं की संख्या अधिक रही, जिसे समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना गया। राज्यपाल ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। यह न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
विश्वविद्यालय का विस्तार और सुविधाएं
कुलपति प्रो. रमन कुमार दवे ने बताया कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत 100 से अधिक कॉलेज संचालित हो रहे हैं। संस्थान में नए भवन, छात्रावास, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है। इसके साथ ही सीएसआर फंड के जरिए कंप्यूटर लैब और सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिससे तकनीकी और पर्यावरणीय दृष्टि से विश्वविद्यालय को मजबूत बनाया जा रहा है। एआई और आधुनिक शिक्षा पर जोर
समारोह में Tika Ram Jully ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और इसे शिक्षा में शामिल करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कॉलेज स्तर पर एआई आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की जरूरत बताई, ताकि विद्यार्थी नई तकनीकों के साथ तालमेल बिठा सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें।
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सख्त संदेश
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थान की प्रतिष्ठा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों के विरुद्ध कार्य करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कुलपतियों से संस्थानों की साख बनाए रखने और शिक्षा स्तर को लगातार बेहतर करने का आह्वान किया।