रामगढ़ में घटिया रोड लाइटों और पानी संकट पर भड़का जनाक्रोश, पालिका के खिलाफ प्रदर्शन
रामगढ़ कस्बे में रोड लाइटों की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों और भीषण गर्मी के बीच गहराते पेयजल संकट को लेकर जनहित विकास समिति ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ ज प्रदर्शन किया। सोमवार को समिति के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कस्बेवासी नगर पालिका पहुंचे और अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़ के नाम जूनियर इंजीनियर (जेईएन) को ज्ञापन सौंपा।
समिति के पदाधिकारियो—ने आरोप लगाया कि कस्बे में पहले लगाई गई हाईमास्ट लाइटें खराब गुणवत्ता की थीं, जो हल्की हवा में ही टूटकर गिर गईं। इससे न केवल लाखों रुपये का नुकसान हुआ, बल्कि लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा बना। उन्होंने बताया कि करीब 9 लाख रुपये की लागत से लगाई गई ये लाइटें ज्यादा समय तक टिक नहीं पाईं।
अब नगर पालिका द्वारा दोबारा नई रोड लाइटों के लिए लाखों रुपये का टेंडर जारी किया गया है। इस पर समिति ने मांग की है कि इस बार उच्च गुणवत्ता की लाइटें लगाई जाएं और संबंधित कंपनी व कोटेशन की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। समिति ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने मांग की कि जिन इलाकों में पानी की किल्लत है, वहां तत्काल टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस दौरान एडवोकेट अमित कसौटिया, मनोज सोनी, तुलसी सैनी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।