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फरसा वाले बाबा की मौत पर मचा बवाल, देवकीनंदन ठाकुर बोले— “यह केवल संत नहीं, सनातन पर हमला”

उत्तर प्रदेश के मथुरा में गौरक्षक चंद्रशेखर बाबा उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रशासन इसे हादसा बता रहा है, जबकि कई हिंदू संगठनों और संतों ने इसे सुनियोजित साजिश बताया है। इस बीच देवकीनंदन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सनातन पर हमला” करार दिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनके बयान के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

प्रशासन पर उठे सवाल, खुफिया तंत्र पर भी निशाना

देवकीनंदन ठाकुर ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब आम गौरक्षकों को गोतस्करी की सूचना मिल जाती है, तो फिर पुलिस और खुफिया एजेंसियां कैसे अनजान रहती हैं। उन्होंने इसे सिस्टम की बड़ी विफलता बताया और पूछा कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने में प्रशासन क्यों नाकाम साबित हो रहा है। ठाकुर के अनुसार, यदि सुरक्षा तंत्र समय पर सक्रिय होता, तो शायद इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

राष्ट्रपति की मौजूदगी में घटना, सुरक्षा पर उठे प्रश्न

घटना के समय को लेकर भी ठाकुर ने हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि जब देश की राष्ट्रपति वृंदावन में मौजूद थीं और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट था, तब इस तरह की घटना का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि इतने कड़े इंतजामों के बावजूद अगर अपराधी वारदात को अंजाम दे रहे हैं, तो यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का संकेत है। इससे प्रशासन की तैयारियों और सतर्कता पर भी सवाल उठते हैं।

‘संत नहीं, सनातन पर प्रहार’—भड़काऊ बयान से बढ़ा विवाद

देवकीनंदन ठाकुर ने अपने वीडियो संदेश में इस घटना को केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सनातन धर्म पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक संत की हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ी साजिश की आशंका है। उनके इस बयान के बाद माहौल और अधिक गरम हो गया है और विभिन्न संगठनों में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है। यह बयान अब इस पूरे विवाद का केंद्र बन गया है।

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

ठाकुर ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए कि यह हादसा था या सुनियोजित हत्या। साथ ही, दोषियों के खिलाफ ऐसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उदाहरण बने। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात नहीं होना चाहिए।

ब्रज क्षेत्र को ‘मांस-मदिरा मुक्त’ बनाने की फिर उठी मांग

इस घटना के बहाने देवकीनंदन ठाकुर ने एक बार फिर ब्रज क्षेत्र को मांस और मदिरा से मुक्त करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के आसपास लगातार गोहत्या और तस्करी की घटनाएं सामने आती हैं, जो धार्मिक आस्था को आहत करती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि ब्रज क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और इसे पूर्ण रूप से ‘मांस-मदिरा मुक्त’ घोषित किया जाए।

हादसा या साजिश? जांच के बीच बढ़ता जनाक्रोश

फिलहाल प्रशासन इस घटना को दुर्घटना बता रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों और गौरक्षकों में गहरा रोष है। लोगों का मानना है कि मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए। देवकीनंदन ठाकुर के कड़े रुख के बाद प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है। अब सबकी नजरें जांच पर टिकी हैं कि आखिर यह मामला हादसा है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।

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