सरिस्का CTH पुनर्निर्धारण पर विवाद तेज, व्यापारिक संगठनों ने बताया विकास के लिए जरूरी
अलवर में सरिस्का वन अभयारण्य के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) के पुनर्निर्धारण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। खनन माफियाओं को लाभ पहुंचाने के आरोपों के बीच आज शहर के विभिन्न व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और प्रस्तावित नए CTH को अलवर के विकास के लिए आवश्यक बताया।
यह प्रेसवार्ता मत्स्य मिनरल उद्योग संघ, अलवर चैंबर ऑफ कॉमर्स, संयुक्त व्यापार महासंघ, लघु उद्योग भारती, मत्स्य उद्योग संघ और होटल एसोसिएशन द्वारा आयोजित की गई।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सुबोध गोयल , राजेश गुप्ता , मनोज गुप्ता ने कहा कि सरिस्का के प्रस्तावित CTH के निर्धारण से अलवर में पर्यटन और उद्योग दोनों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि टहला क्षेत्र की बंद खानों के दोबारा शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
उन्होंने जानकारी दी कि अलवर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में 500 से अधिक खनिज इकाइयां स्थापित हैं, जबकि करीब 2,000 मूर्तिकार और शिल्पकार भी इस क्षेत्र पर निर्भर हैं। इस उद्योग में लगभग 1,000 करोड़ रुपये का निवेश है और सरकार को विभिन्न मदों में करीब 500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है।
सुबोध गोयल ने कहा कि पिछले दो वर्षों से सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्षेत्र निर्धारण से जुड़ी अनिश्चितता के कारण खनन और पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कई इकाइयां बंद हो चुकी हैं या पलायन को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी औद्योगिक और व्यापारिक संगठन सरिस्का क्षेत्र के रेशनलाइजेशन का समर्थन करते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते भ्रामक और तथ्यहीन बयान देकर इस प्रक्रिया को रोकने या विलंबित करने का प्रयास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरिस्का के CTH सीमांकन की प्रक्रिया के तहत जिला प्रशासन ने हाल ही में सुझाव और आपत्तियां मांगी थीं। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने नए सीमांकन पर खनन माफियाओं को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए थे। वहीं, एक NGO संचालक एडवोकेट कमलेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा लगाए गए आरोपों को भी प्रेसवार्ता में निराधार और गुमराह करने वाला बताया गया।
प्रेसवार्ता में शशांक झालानी , हरमीत सिंह मेंहदीरत्ता , मनीष भाटिया आदि मौजूद रहे ।
फिलहाल सरिस्का के प्रस्तावित CTH को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।