गौरी देवी महाविद्यालय में ‘विकसित भारत युवा संसद’: आपातकाल के 50 साल पर युवाओं की बेबाक राय, विजेताओं को विधानसभा में मंच…
गौरी देवी महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘विकसित भारत युवा संसद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन माय भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला और सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान ने की। इसमें जिले के 84 युवाओं ने “आपातकाल के 50 साल: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर भाषण प्रतियोगिता के जरिए अपने विचार रखे।
जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने कहा कि युवा लोकतंत्र का भविष्य हैं। उन्होंने युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि विकसित भारत युवा संसद जैसे कार्यक्रम लोकतांत्रिक प्रणाली, संवैधानिक मूल्यों और मूलभूत अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने का अवसर देते हैं। इस दौरान 10 नव-युवा मतदाताओं का अभिनंदन भी किया गया।
सरस डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार युवाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्यक्रम चला रही हैं। युवा संसद युवाओं में आत्मविश्वास पैदा करती है और उन्हें राष्ट्रीय मंच पर अपने विचार रखने का अवसर देती है।
कॉलेज प्राचार्य डॉ. मंजू यादव, जिला युवा अधिकारी पंकज यादव, वरिष्ठ संकाय सदस्य रचना आसोपा, शैफाली बारथोनिया और कार्यक्रम अधिकारी गोविंद नैनीवाल ने अतिथियों का पौधा एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। निर्णायक मंडल में गणेश मोहन शर्मा, डॉ. आंचल मीणा, डॉ. विजय लक्ष्मी भार्गव, डॉ. पूर्णिमा कौशिक और डॉ. अभिषेक पारीक शामिल रहे।
प्रतियोगिता में 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों में कहा कि आपातकाल की सबसे बड़ी मार आम जनता पर पड़ी थी। संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हर नागरिक का जागरूक और सजग रहना जरूरी है।
विजेताओं को विधानसभा और संसद में मंच
माय भारत के जिला युवा अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि प्रतियोगिता के शीर्ष पांच विजेताओं को राजस्थान विधानसभा में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करने वाले तीन प्रतिभागियों को देश की संसद के केंद्रीय सदन में अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।