ईरान पर दबाव, लेकिन लंबी जंग से दूरी: जेडी वेंस ने बताया ट्रंप का मिडिल ईस्ट प्लान
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने साफ संकेत दिया है कि वह ईरान के खिलाफ सख्त रुख तो अपनाएगा, लेकिन वर्षों तक चलने वाले किसी नए युद्ध में नहीं उलझेगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि सैन्य विकल्प खुले हैं, मगर प्राथमिकता अभी भी कूटनीतिक समाधान को दी जा रही है।
⚔️ अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ा बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक इंटरव्यू में उन आशंकाओं को खारिज किया कि अमेरिका मध्य पूर्व में नए लंबे युद्ध की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन इसे अंतहीन संघर्ष में बदलने की कोई योजना नहीं है।
यह बयान अमेरिकी जनता की युद्ध थकान (War Fatigue) और घरेलू राजनीतिक दबाव को दर्शाता है।
✈️ सैन्य विकल्प खुले, लेकिन कूटनीति प्राथमिकता
वेंस ने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। इसके लिए दो रास्ते मौजूद हैं—सैन्य कार्रवाई या राजनयिक समाधान।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान आगे क्या कदम उठाता है।
अमेरिका “दबाव + बातचीत” की दोहरी रणनीति अपनाता दिख रहा है।
🌍 जिनेवा वार्ता से फिलहाल समाधान नहीं
ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य गतिविधियां बढ़ने के बीच जिनेवा में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका। मध्यस्थों के अनुसार वार्ता अगले दौर में जारी रहेगी।
यह संकेत है कि टकराव अभी नियंत्रित स्तर पर है, लेकिन जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
🧠 ट्रंप की रणनीति क्या है?
वेंस ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति “अमेरिका फर्स्ट” सिद्धांत पर आधारित रही है। उनका दावा है कि ट्रंप अनावश्यक विदेशी युद्धों से बचते हुए राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हैं।
ट्रंप पहले सार्वजनिक रूप से ईरान की सत्ता संरचना को लेकर कड़े बयान दे चुके हैं।
ट्रंप की रणनीति सैन्य दबाव के जरिए राजनीतिक बदलाव की संभावना बनाए रखने की मानी जा रही है।
⚠️ अतीत की गलतियां नहीं दोहराने का संकेत
इराक युद्ध में सेवा दे चुके जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका को पिछली सैन्य गलतियों से सीखना चाहिए। उनका मानना है कि लंबे विदेशी युद्ध आर्थिक और राजनीतिक रूप से अमेरिका को नुकसान पहुंचाते हैं।
इराक और अफगानिस्तान युद्धों के अनुभव ने अमेरिकी विदेश नीति को अधिक सावधान बना दिया है।
🇮🇱 इजरायल और मिडिल ईस्ट पर अंदरूनी बहस
वेंस ने स्वीकार किया कि अमेरिका में मध्य पूर्व नीति और इजरायल के प्रति रुख को लेकर राजनीतिक बहस बढ़ रही है। हालांकि उन्होंने इजरायल को अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी बताया।
अमेरिकी राजनीति में मिडिल ईस्ट नीति अब घरेलू चुनावी मुद्दा भी बन चुकी है।
🌐 बड़ी तस्वीर: युद्ध नहीं, रणनीतिक दबाव
पिछले दो दशकों से अमेरिका मध्य पूर्व में मजबूत सैन्य उपस्थिति बनाए हुए है। इराक युद्ध के बाद से लगातार सरकारों पर नए बड़े युद्ध से बचने का दबाव रहा है।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सुरक्षा संतुलन अभी भी वैश्विक कूटनीति का प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
वर्तमान रणनीति सीधे युद्ध के बजाय नियंत्रित सैन्य दबाव और वार्ता के मिश्रण की लगती है।
जेडी वेंस का बयान संकेत देता है कि अमेरिका ईरान पर सख्त रुख बनाए रखते हुए भी लंबे युद्ध से बचना चाहता है। आने वाले समय में यह तय होगा कि कूटनीति सफल होती है या मध्य पूर्व फिर किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ता है।