#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

यौन उत्पीड़न मामले में संत अविमुक्तेश्वरानंद पर शिकंजा कसता जा रहा, आरोपकर्ता का बड़ा दावा ?…

नाबालिगों के मेडिकल में उत्पीड़न की पुष्टि का दावा ?

यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि मामले में पीड़ित नाबालिग बच्चों के मेडिकल परीक्षण में उनके साथ हुई कथित आपत्तिजनक घटनाओं की पुष्टि हुई है। उनके अनुसार जांच एजेंसियों को ऐसे तथ्य मिले हैं जो आरोपों को मजबूती देते हैं।

हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल

आरोपी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और अदालत में सुनवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

जांच में अन्य आरोपियों के नाम आने का दावा

आरोपकर्ता के अनुसार पीड़ितों के बयानों में एक अन्य व्यक्ति अरविंद का नाम भी सामने आया है। दावा किया गया है कि आश्रम से जुड़े कुछ सहयोगियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस इन बिंदुओं पर तथ्यों के आधार पर जांच कर रही है।

नए नाम उजागर करने का संकेत

आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा है कि उनके पास उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, जांच एजेंसियां किसी भी नए खुलासे की पुष्टि साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही करेंगी।

पुलिस जांच पर भरोसा, बाहरी एजेंसी की मांग पर प्रतिक्रिया

आरोपकर्ता ने राज्य पुलिस की जांच पर भरोसा जताया है। बाहरी एजेंसी से जांच कराने की मांग पर उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी।

किन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण से जुड़े आरोपों में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 74, 75, 76, 79 और 109 सहित बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (POCSO) की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *