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PM कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा का बड़ा कदम: 26/11 आरोपी तहव्वुर राणा की नागरिकता रद्द करने की तैयारी


भारत-कनाडा रिश्तों में सुधार की कोशिशों के बीच कनाडा सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। 2008 मुंबई आतंकी हमला के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कदम प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की प्रस्तावित भारत यात्रा से ठीक पहले सामने आया है।


🟡 भारत यात्रा से पहले कूटनीतिक संदेश

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 26 फरवरी को भारत आने वाले हैं। माना जा रहा है कि यह फैसला दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में आए तनाव को कम करने की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।

पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत-कनाडा संबंधों में तनाव देखने को मिला था, जिसके बाद नई सरकार रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रही है।


🟡 नागरिकता क्यों छीनी जा सकती है?

कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Immigration, Refugees and Citizenship Canada (IRCC) ने राणा को नोटिस देकर बताया है कि उसकी 2001 में मिली नागरिकता रद्द की जा सकती है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि कार्रवाई सीधे आतंकवाद के आरोपों पर नहीं, बल्कि नागरिकता आवेदन में कथित गलत जानकारी देने के आधार पर की जा रही है।


🟡 जांच में क्या सामने आया?

जांच एजेंसियों का दावा है कि:

  • राणा ने नागरिकता आवेदन में कनाडा में रहने की अवधि को लेकर गलत जानकारी दी
  • उसने दावा किया कि वह ओटावा और टोरंटो में चार साल रहा
  • लेकिन Royal Canadian Mounted Police (RCMP) जांच में सामने आया कि वह अधिकतर समय शिकागो में रह रहा था

अधिकारियों का कहना है कि सही जानकारी दी जाती तो उसे नागरिकता नहीं मिलती।


🟡 मामला अब फेडरल कोर्ट में

31 मई 2024 के आधिकारिक पत्र के बाद मामला कनाडा की फेडरल कोर्ट में पहुंच चुका है। अदालत तय करेगी कि नागरिकता धोखाधड़ी से हासिल की गई थी या नहीं।

राणा के वकीलों ने इस कार्रवाई को अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी है। सरकार ने कोर्ट से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी गोपनीय रखने की अनुमति भी मांगी है।


🟡 भारत में हिरासत में है राणा

पाकिस्तान में जन्मा तहव्वुर राणा फिलहाल भारत की हिरासत में है। पिछले वर्ष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमेरिका से प्रत्यर्पण के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया था।

राणा पर आरोप है कि उसने पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की साजिश में सहयोग किया था।


🟡 26/11 हमला: भारत का सबसे बड़ा आतंकी जख्म

26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए समन्वित आतंकी हमलों में 160 से अधिक लोगों की जान गई थी। कई दिनों तक चले हमलों ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ रणनीति को बदलकर रख दिया।


🟡 कानूनी कार्रवाई या कूटनीतिक संकेत?

विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण है:

✔ भारत-कनाडा संबंध सुधारने की कोशिश
✔ आतंकवाद मामलों पर सख्त रुख का संदेश
✔ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग मजबूत करने का संकेत

हालांकि नागरिकता रद्द होने का अंतिम फैसला अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।

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