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रूस-यूक्रेन युद्ध के 4 साल: मौत, विस्थापन और तबाही के आंकड़े दुनिया को झकझोरते हैं


24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ रूस‑यूक्रेन युद्ध अब चार साल पूरे कर चुका है। यह संघर्ष अब केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि वैश्विक राजनीति, ऊर्जा सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा आधुनिक युद्ध बन चुका है। लाखों मौतें, करोड़ों विस्थापित और तबाह शहर इस युद्ध की भयावह कीमत बता रहे हैं।


🟡 मौत का बढ़ता आंकड़ा: सच्चाई शायद और डरावनी

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अब तक यूक्रेन में 15,000 से ज्यादा आम नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक मानी जा रही है।

  • यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोडिमीर ज़ेलेंस्की के अनुसार करीब 55,000 यूक्रेनी सैनिक मारे गए।
  • स्वतंत्र आकलनों में यह संख्या अधिक बताई जा रही है।
  • BBC और मीडियाज़ोना की संयुक्त जांच में कम से कम 1,77,000 रूसी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई।
  • विश्लेषकों का अनुमान है कि दोनों पक्षों के कुल सैन्य हताहत लाखों में पहुंच चुके हैं।

🟡 विस्थापन का मानवीय संकट

युद्ध ने यूरोप के सबसे बड़े शरणार्थी संकटों में से एक को जन्म दिया है।

  • लगभग 59 लाख यूक्रेनी नागरिक विदेशों में शरणार्थी बनकर रह रहे हैं।
  • करीब 37 लाख लोग अपने ही देश में विस्थापित हैं।
  • यूक्रेन का आरोप है कि करीब 20,000 बच्चों को कब्जे वाले इलाकों से जबरन हटाया गया।

यह आंकड़े युद्ध के मानवीय दर्द को सबसे गहराई से दर्शाते हैं।


🟡 शहर बने खंडहर, जमीन बनी बारूदी जाल

पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन के कई शहर — बाखमुत, तोरेत्स्क और वोवचांस्क — लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक:

  • स्वास्थ्य केंद्रों पर 2,800 से ज्यादा हमले हुए।
  • लाखों लोग बिजली और हीटिंग सुविधाओं से वंचित हुए।

संयुक्त राष्ट्र की माइन एक्शन सर्विस के अनुसार यूक्रेन का लगभग पांचवां हिस्सा बारूदी सुरंगों और अनफटे बमों से दूषित हो चुका है।


🟡 रूस का कब्जा कितना बढ़ा?

Institute for the Study of War के अनुमान के अनुसार फरवरी 2026 तक रूस ने यूक्रेन के लगभग 19.5% इलाके पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

इसमें क्रीमिया और डोनबास के वे हिस्से भी शामिल हैं जो युद्ध शुरू होने से पहले ही रूसी नियंत्रण में थे।


🟡 अर्थव्यवस्था पर युद्ध का भारी असर

युद्ध ने दोनों देशों की आर्थिक संरचना को झकझोर दिया है।

रूस:

  • सैन्य खर्च GDP का लगभग 9%
  • आर्थिक वृद्धि करीब 1% तक सीमित

यूक्रेन:

  • युद्ध के पहले साल में अर्थव्यवस्था लगभग एक-तिहाई सिकुड़ गई
  • सरकारी खर्च चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पर निर्भरता बढ़ी

विश्व बैंक के अनुसार पुनर्निर्माण में अगले दशक में लगभग 588 अरब डॉलर खर्च हो सकते हैं।


🟡 शांति वार्ता क्यों अटकी हुई है?

2026 की शुरुआत में अबू धाबी और जेनेवा में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन समाधान अभी दूर है।

मुख्य विवाद:

  • रूस चाहता है कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र से पीछे हटे।
  • रूस पश्चिमी सैन्य सहायता बंद कराने की मांग कर रहा है।
  • यूक्रेन का कहना है कि समझौता भविष्य की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

🟡 दुनिया बदल देने वाला युद्ध

चार साल बाद यह स्पष्ट हो चुका है कि यह युद्ध सिर्फ क्षेत्रीय संघर्ष नहीं बल्कि नई वैश्विक शक्ति संतुलन की लड़ाई बन चुका है।

✔ ऊर्जा संकट
✔ खाद्यान्न आपूर्ति पर असर
✔ NATO-रूस तनाव
✔ वैश्विक सैन्य खर्च में वृद्धि

विशेषज्ञ मानते हैं कि युद्ध जितना लंबा चलेगा, उसका असर आने वाले दशकों तक दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर दिखाई देगा।


🟡 जंग खत्म कब होगी?

फिलहाल युद्ध जारी है और स्थायी शांति की कोई स्पष्ट समयसीमा नजर नहीं आती। मोर्चों पर लड़ाई जारी है, कूटनीति सक्रिय है, लेकिन समाधान अभी दूर दिखाई देता है।

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