AI समिट में विरोध प्रदर्शन पर सख्ती: यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब 4 दिन की पुलिस रिमांड पर
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने 4 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की। पुलिस ने 7 दिन की रिमांड मांगी थी। मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच, अंतरराज्यीय नेटवर्क की पड़ताल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच इंटर-स्टेट क्राइम ब्रांच करेगी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदर्शन की साजिश कहां और कैसे रची गई। पुलिस का दावा है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी हिमाचल प्रदेश, जम्मू और उत्तर प्रदेश के अमेठी क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस का आरोप: वैश्विक मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
रिमांड पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी इस विरोध प्रदर्शन के मास्टरमाइंड हैं। पुलिस का कहना है कि विदेशी प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाले अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की गतिविधि से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की एकता से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
20 घंटे तक चली पूछताछ, कई धाराओं में मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब से तिलक मार्ग थाने में करीब 20 घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, मामले में आपराधिक साजिश, सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों से हाथापाई जैसे आरोप लगाए गए हैं। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 196 और 197 भी जोड़ी गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को प्रभावित करने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया: शांतिपूर्ण विरोध पर कार्रवाई का आरोप
गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करने वालों पर सख्ती की जा रही है, जबकि आतंकी घटनाओं के दोषियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर दबाव बताया है।
AI समिट में क्या हुआ था? 11 कार्यकर्ताओं का शर्टलेस प्रदर्शन
20 फरवरी को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के 11 कार्यकर्ताओं ने अचानक शर्टलेस प्रदर्शन किया था। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी जैकेट और स्वेटर के नीचे राजनीतिक संदेश वाली टी-शर्ट पहने हुए थे। घटना के बाद सभी के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
पहले भी हुई थीं गिरफ्तारियां, कई राज्यों से पकड़े गए आरोपी
पुलिस इससे पहले भारतीय युवा कांग्रेस के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर से तीन आरोपी पकड़े गए, जबकि उत्तर प्रदेश के ललितपुर से एक कार्यकर्ता को हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
वित्तीय लेन-देन और साजिश की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कर क्यूआर कोड हासिल किया था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन के लिए टी-शर्ट छपवाने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए फंडिंग किसने की। एजेंसियां कथित साजिश के पीछे की योजना और आर्थिक लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
सियासी बयानबाज़ी तेज, भाजपा और यूथ कांग्रेस आमने-सामने
मामले को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। भाजपा ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया है, जबकि भारतीय युवा कांग्रेस का कहना है कि यह राष्ट्रीय हितों से जुड़े मुद्दों पर किया गया शांतिपूर्ण विरोध था। फिलहाल, पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच के अधीन जारी है।