Rajasthan Budget 2026: भजनलाल सरकार का तीसरा बजट आज, युवाओं-महिलाओं-किसानों पर फोकस के संकेत…
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। माना जा रहा है कि सरकार का तीसरा बजट रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, बुनियादी ढांचे और वित्तीय अनुशासन के संतुलन पर केंद्रित रह सकता है।
तीसरी बार बजट पेश करेंगी दिया कुमारी
सोलहवीं विधानसभा के पंचम एवं बजट सत्र में बुधवार सुबह 11 बजे दिया कुमारी लगातार तीसरी बार बजट भाषण देंगी। मंगलवार को उन्होंने उपमुख्यमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ वित्त अधिकारियों की मौजूदगी में बजट दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया।
सरकार के एजेंडे में युवाओं, महिलाओं और किसानों को प्राथमिकता
संकेत मिल रहे हैं कि आगामी बजट में युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने, महिलाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार तथा किसानों के लिए राहत और विकास कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा सकता है। ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाओं को भी बजट में प्रमुख स्थान मिलने की उम्मीद है।
रोजगार सृजन और नई भर्तियों की संभावना
राज्य में रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में नई भर्तियों की घोषणा की जा सकती है। सरकार स्किल डेवलपमेंट और रोजगारोन्मुख योजनाओं के जरिए युवाओं को अवसर देने पर फोकस रख सकती है।
सामाजिक सुरक्षा और संविदा कर्मचारियों को राहत की उम्मीद
विशेषज्ञों के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशन में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। साथ ही विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के मानदेय में संशोधन या वृद्धि पर भी सरकार विचार कर सकती है।
परिवहन क्षेत्र में बड़े फैसले संभव
रोडवेज बेड़े को मजबूत करने के लिए नई बसों की खरीद और शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा देने जैसी घोषणाएं सामने आ सकती हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
वित्तीय अनुशासन पर भी रहेगा जोर
सरकार केवल नई घोषणाओं तक सीमित न रहकर राजकोषीय संतुलन बनाए रखने पर भी ध्यान दे सकती है। अनावश्यक खर्चों में कटौती, जीएसटी संग्रह को मजबूत करने और आय के नए स्रोत विकसित करने की रणनीति पर काम होने के संकेत हैं।
विकास और वित्तीय संतुलन का संतुलित बजट?
विश्लेषकों का मानना है कि यह बजट राज्य में विकास की गति तेज करने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की कोशिश का मिश्रण हो सकता है, जिसमें लोककल्याण और राजकोषीय स्थिरता दोनों को साधने का प्रयास दिखेगा।