जयपुर में दरगाह की छत निर्माण को लेकर सियासी टकराव, दो विधायक आमने-सामने, इलाके में बढ़ी सुरक्षा…
जयपुर के चांदपोल गेट स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र में गुलाब शाह बाबा दरगाह की छत निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया। इस दौरान हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य और किशनपोल से कांग्रेस विधायक अमीन कागजी आमने-सामने आ गए। बहस इतनी तीखी हो गई कि इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
पुरानी दरगाह के निर्माण पर उठा सवाल
मामला लगभग 100 साल पुरानी गुलाब शाह बाबा दरगाह की छत निर्माण से जुड़ा है। रविवार को विधायक बालमुकुंद आचार्य अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि परकोटा क्षेत्र में अवैध निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं और यहां सीमित स्थान को बढ़ाकर बड़े स्तर पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
विरासत से छेड़छाड़ का आरोप
बालमुकुंद आचार्य ने दावा किया कि दरगाह के निर्माण के नाम पर प्राचीन परकोटा दीवार को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जो शहर की ऐतिहासिक विरासत के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना था कि नियमों की अनदेखी कर निर्माण कराया जा रहा है।
अमीन कागजी ने निर्माण को बताया वैध
विवाद की सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने निर्माण को पूरी तरह वैध बताते हुए कहा कि इसके लिए 30 जनवरी को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। कागजी ने आरोप लगाया कि बेवजह मुद्दा उठाकर शहर का माहौल खराब किया जा रहा है।
विधायक फंड से स्वीकृत हुआ कार्य
अमीन कागजी ने बताया कि उन्होंने अपने विधायक कोष से 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कराई है। इस राशि से दरगाह की जर्जर टीन की छत हटाकर पक्की छत बनाई जा रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों, जिनमें गणेश मंदिर भी शामिल है, का विकास कार्य भी उनके द्वारा कराया गया है।
नगर निगम की अनुमति पर उठा विवाद
जयपुर नॉर्थ के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि निर्माण के लिए नगर निगम द्वारा अनुमति दी गई थी, हालांकि एक पक्ष का कहना है कि यह अनुमति नियमों के अनुरूप नहीं थी। दोनों पक्षों से बातचीत के बाद मौके पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है।
नगर निगम ने रद्द की परमिशन
पुलिस के अनुसार, बाद में नगर निगम ने निर्माण की दी गई अनुमति को रद्द कर दिया है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चांदपोल गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।