गोविंदगढ़ में मानवता को झकझोरने वाली घटना, झाड़ियों में मिला 8 माह की बच्ची का भ्रूण…
अलवर जिले के गोविंदगढ़ क्षेत्र में बारोली-न्याणा मार्ग के बीच झाड़ियों में मिली एक पोटली ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सलवार और पॉलिथीन में लिपटी इस पोटली में आठ माह की बालिका का भ्रूण मिलने से न सिर्फ भ्रूण हत्या का मामला सामने आया, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली और सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दो दिन तक कचरा समझकर पड़ी रही पोटली
ग्रामीणों के अनुसार झाड़ियों में पड़ी यह पोटली दो दिन पहले भी दिखाई दी थी, लेकिन इसे कचरा समझकर अनदेखा कर दिया गया। रविवार तड़के जब एक किसान को संदेह हुआ और उसने पोटली खोली, तो अंदर भ्रूण देखकर वह सन्न रह गया।
सूचना के बाद भी पुलिस पहुंची देरी से
ग्रामीणों ने रविवार सुबह ही पुलिस को सूचना दे दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि थाने से “जाप्ता नहीं होने” का हवाला देकर देरी की गई, जिससे लोगों में नाराजगी फैल गई।
ग्रामीणों ने खुद की भ्रूण की सुरक्षा
सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब पुलिस के पहुंचने तक ग्रामीणों ने भ्रूण को आवारा कुत्तों से बचाने के लिए घेरा बनाकर सुरक्षित रखा। लोगों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे नुकसान से बचाया।
सीएचसी में सुरक्षित रखवाया गया भ्रूण
मौके पर पहुंची पुलिस ने भ्रूण को गोविंदगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित रखवाया। साथ ही, सलवार और अन्य संदिग्ध वस्तुओं को जब्त कर जांच शुरू की गई।
टेलर टैग से मिल सकता है अहम सुराग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सलवार पर लगे टेलर के टैग से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। इसी आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
व्यवस्था और समाज दोनों पर सवाल
यह घटना सिर्फ भ्रूण हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस की त्वरित कार्रवाई, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े करती है। समय पर हस्तक्षेप होता तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
पुलिस ने जांच का दिया आश्वासन
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोषियों तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।