ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी: अजमेर में APK फाइल से 6.31 लाख रुपये साफ
राजस्थान के अजमेर जिले में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ई-चालान के नाम पर भेजी गई फर्जी APK फाइल खोलते ही एक व्यक्ति के बैंक खाते से 6.31 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फर्जी ई-चालान मैसेज से शुरू हुई ठगी
किशनगढ़ के ब्रजविहार कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय सीताराम शर्मा के मोबाइल पर 25 दिसंबर 2025 को ई-चालान के नाम से एक APK फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही मोबाइल हैंग हो गया, लेकिन उस समय उन्हें किसी साइबर हमले का अंदेशा नहीं हुआ।
कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये ट्रांसफर
फाइल ओपन करने के थोड़ी देर बाद बैंक से लगातार ट्रांजैक्शन मैसेज आने लगे। चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए केनरा बैंक खाते से कुल 6 लाख 31 हजार 800 रुपये निकाल लिए गए, जिससे पीड़ित को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ।
शिकायत के बावजूद कार्रवाई में देरी का आरोप
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई और रकम होल्ड कराने की कोशिश की। बाद में गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन तत्काल कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। करीब एक महीने बाद एसपी कार्यालय में शिकायत देने पर मामला दर्ज हुआ।
पुलिस जांच शुरू, नए साइबर तरीकों से सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि साइबर ठग लगातार नए तरीके अपना रहे हैं, जिनमें ई-चालान के नाम पर APK फाइल भेजना भी शामिल है।
पुलिस अधिकारी को भी मिला ऐसा मैसेज
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही में उन्हें भी इसी तरह का संदिग्ध मैसेज मिला था, जो किसी परिचित पुलिसकर्मी के नंबर से प्रतीत हो रहा था। सतर्कता बरतते हुए फाइल नहीं खोली गई, जिससे संभावित नुकसान टल गया।
बढ़ते साइबर फ्रॉड और जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के अनुसार APK फाइल या अनजान लिंक खोलना साइबर अपराधियों को मोबाइल और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच दे सकता है। डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ साइबर जागरूकता बेहद जरूरी हो गई है। सतर्कता और सत्यापन ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।