#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

⚠️ मेघालय की अवैध खदान में बड़ा हादसा

पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को एक अवैध कोयला खदान में भीषण विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 16 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य मजदूरों के खदान में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया।


🔍 थांगस्कू इलाके में हुआ विस्फोट, राहत कार्य जारी

पुलिस महानिदेशक आई नोंगरंग के अनुसार यह विस्फोट ईस्ट जयंतिया हिल्स के थांगस्कू क्षेत्र में हुआ। राहत दल लगातार खदान के अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट के समय खदान में कुल कितने मजदूर मौजूद थे, जिससे मृतकों और फंसे लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।


🚑 घायल मजदूर को शिलांग किया गया रेफर

ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने जानकारी दी कि हादसे में घायल एक मजदूर को पहले स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए राजधानी शिलांग भेजा गया है। डॉक्टरों की टीम घायल मजदूर की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


❗ अवैध खनन गतिविधि पर उठे सवाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस स्थान पर विस्फोट हुआ, वहां अवैध तरीके से कोयला खनन किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि खदान गैर-कानूनी रूप से संचालित हो सकती है। इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध खनन के नेटवर्क पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।


📜 पहले भी लग चुका है रैट-होल खनन पर प्रतिबंध

गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वर्ष 2014 में मेघालय में ‘रैट-होल’ खनन समेत अन्य असुरक्षित और अवैज्ञानिक खनन तरीकों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बावजूद राज्य के कुछ इलाकों में चोरी-छिपे खनन जारी रहने की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं।


📊 क्यों बार-बार हो रहे ऐसे हादसे

मेघालय में अवैध खनन का मुद्दा लंबे समय से गंभीर चिंता का विषय रहा है। आर्थिक मजबूरी, निगरानी की कमी और स्थानीय स्तर पर अवैध नेटवर्क के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर खदानों में काम करने को मजबूर हो जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो भविष्य में भी इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति हो सकती है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *