साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत: इंजेक्शन लिखने वाला डॉक्टर अब भी अज्ञात…
जोधपुर के बोरानाडा थाना क्षेत्र में स्थित एक आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि साध्वी को लगाए गए इंजेक्शन किस डॉक्टर की पर्ची पर दिए गए थे, जिससे जांच की दिशा और जटिल हो गई है।
एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार, 4–5 दिन लगने की संभावना
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) जांच रिपोर्ट आने में अभी चार से पांच दिन का समय लग सकता है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
अब तक 10 से 12 लोगों के बयान दर्ज
पुलिस ने इस मामले में साध्वी प्रेम बाईसा के पिता बिरमनाथ, इंजेक्शन लगाने वाले कंपाउंडर देवीसिंह, पाल रोड स्थित निजी अस्पताल के डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ समेत कुल 10 से 12 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। सभी बयानों के आधार पर घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
कंपाउंडर का दावा: डॉक्टर की पर्ची पर लगाए गए इंजेक्शन
कंपाउंडर देवीसिंह ने पुलिस को बताया कि उसने 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा को दो इंजेक्शन लगाए थे। उसका कहना है कि ये इंजेक्शन किसी डॉक्टर द्वारा लिखे गए थे। हालांकि अब तक वह डॉक्टर कौन था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
निजी अस्पताल के डॉक्टर ने इलाज से किया इनकार
जिस निजी अस्पताल में साध्वी को भर्ती कराया गया था, वहां के डॉक्टर प्रवीण जैन ने पुलिस को बताया कि वे पिछले कई दिनों से साध्वी का इलाज नहीं कर रहे थे। इस बयान के बाद इंजेक्शन लिखने वाले डॉक्टर की पहचान को लेकर संदेह और गहरा गया है।
सांस की तकलीफ के बाद बुलाया गया था कंपाउंडर
जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा को जुकाम और सांस लेने में परेशानी की शिकायत हुई थी। इसके बाद आरती नगर स्थित आश्रम में कंपाउंडर देवीसिंह को बुलाया गया, जिसने उन्हें दो इंजेक्शन लगाए।
तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, इलाज के दौरान मौत
इंजेक्शन के बाद कुछ समय के लिए साध्वी की हालत में सुधार हुआ, लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
पुलिस का बयान: हर पहलू से हो रही जांच
एसआईटी प्रभारी और सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा।