टॉफी समझकर चबाया विस्फोटक, अलवर में 3 साल की मासूम गंभीर घायल
राजस्थान के अलवर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रामगढ़ थाना क्षेत्र में टॉफी लेने गई तीन साल की मासूम बच्ची के हाथ में विस्फोटक थमा दिया गया। बच्ची ने जैसे ही उसे मुंह में डालकर चबाया, तेज धमाका हो गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
🟥 किराना दुकान पर हुआ दर्दनाक हादसा
घटना अलवर मार्ग स्थित चौकी बास गांव की है। तीन वर्षीय बच्ची अक्शु अपनी बड़ी बहन के साथ किराना दुकान पर टॉफी लेने गई थी। परिजनों का आरोप है कि दुकानदार ने टॉफी की जगह बारूद से भरी पटाखेनुमा वस्तु बच्ची को दे दी।
🟦 मुंह में डालते ही हुआ तेज विस्फोट
जैसे ही मासूम ने उस वस्तु को मुंह में डालकर चबाया, अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज से आसपास हड़कंप मच गया। विस्फोट में बच्ची का जबड़ा और गाल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
🟥 खून से लथपथ हालत में गिरी बच्ची
विस्फोट के बाद बच्ची खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और अफरा-तफरी मच गई। परिजन तुरंत बच्ची को लेकर अलवर के एक निजी अस्पताल पहुंचे।
🟦 तुरंत ऑपरेशन, हालत फिलहाल स्थिर
अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन किया। चिकित्सकों के अनुसार सर्जरी सफल रही है और बच्ची फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन उसकी हालत को देखते हुए उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
🟥 परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्ज
बच्ची की चाची निकिता की शिकायत पर रामगढ़ थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
🟦 दुकानदार ने विस्फोटक देने से किया इनकार
हिरासत में लिए गए दुकानदार सुदील उर्फ काला ने आरोपों से इनकार किया है। उसका दावा है कि बच्ची सड़क पर गिरने और कांच की बोतल लगने से घायल हुई। हालांकि बच्ची की चोटें उसके बयान पर सवाल खड़े कर रही हैं।
🟥 एफएसएल जांच के आदेश, हर पहलू से पड़ताल
थानाधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल जांच कराई जा रही है। डीएसपी पिंटू कुमार ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🟦 इलाके में आक्रोश, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में गहरा आक्रोश है। स्थानीय लोग किराना दुकानों पर खतरनाक वस्तुओं की बिक्री और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
यह घटना न केवल लापरवाही की भयावह तस्वीर पेश करती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि विस्फोटक सामग्री खुलेआम दुकानों पर रखी जा रही है, तो यह प्रशासनिक निगरानी की बड़ी चूक मानी जाएगी।