सरिस्का में टेरिटोरियल फाइट का शिकार बनी बाघिन ST-28, अकबरपुर रेंज में मिला शव…
सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक दुखद खबर सामने आई है। सरिस्का जंगल में एक बाघिन की संख्या कम हो गई है। अकबरपुर रेंज की पृथ्वीपुरा बीट के डाबली वन क्षेत्र में बाघिन ST-28 का शव मिला है। प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत का कारण टेरिटोरियल फाइट बताया जा रहा है।
ग्रामीणों को जंगल में करीब 24 घंटे पुराना शव दिखाई देने के बाद उन्होंने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग, राजस्व विभाग और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद बालेटा नाका पर तीन डॉक्टरों की टीम द्वारा बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया।
सरिस्का के सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया कि बाघिन ST-28 की मौत क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान किसी अन्य बाघ से हुई लड़ाई में हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बाघिन के शरीर के पिछले हिस्से में दो बड़े घाव, जबकि अन्य हिस्सों में कुछ छोटे घाव पाए गए। शव पर कीड़े नहीं थे, जिससे उसकी मौत लगभग एक दिन पहले होने की पुष्टि होती है।
पोस्टमार्टम के बाद राजस्व, पुलिस विभाग और स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में डाबली वन क्षेत्र स्थित कलाकड़ी चौकी के पास बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया।
बाघिन ST-28 की उम्र करीब 5 वर्ष थी और उसने अब तक किसी शावक को जन्म नहीं दिया था। वह प्रसिद्ध बाघिन ST-14 की बेटी थी। ST-14 के अन्य शावकों में बाघिन ST-17, बाघ ST-18, बाघिन ST-26 और बाघिन ST-27 शामिल हैं।
सीसीएफ संग्राम सिंह के अनुसार, इस घटना से पहले सरिस्का टाइगर रिजर्व में कुल 50 टाइगर मौजूद थे, जिनमें 11 नर बाघ, 18 बाघिन और 21 शावक शामिल थे। अकबरपुर रेंज में बाघिन के शव मिलने के बाद अब यह संख्या घटकर 49 रह गई है।