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Rajasthan: जालौर में खनन माफिया बेलगाम अवैध खनन रोकने गई वन टीम पर हमला, ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश

राजस्थान के जालौर जिले से खनन माफिया की दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सांतरू वन क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने हमला कर दिया। वनकर्मियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश तक की गई। पुलिस ने 6 नामजद और 15–20 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


🔹 गश्त के दौरान पकड़ा गया अवैध खनन से भरा ट्रैक्टर

यह घटना रानीवाड़ा उपखंड के करड़ा थाना क्षेत्र की है। बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे रानीवाड़ा रेंज के पाल नाका क्षेत्र में वनपाल नाका प्रभारी रामनारायण विश्नोई अपनी टीम के साथ नियमित गश्त पर थे। टीम में वनरक्षक विकास विश्नोई, राकेश कुमार और ओमप्रकाश शामिल थे।

इसी दौरान सांतरू वन क्षेत्र से बाडू पत्थर से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली आता दिखाई दिया। वनकर्मियों ने ट्रैक्टर को रोका तो चालक ने अपना नाम नवाराम देवासी, निवासी सांतरू बताया।


🔹 फोन कर बुलाए 15–20 लोग, वनकर्मियों पर हमला

ट्रैक्टर पकड़े जाने के बाद चालक नवाराम ने मौके से ही अपने साथियों को फोन कर बुला लिया। कुछ ही देर में 15 से 20 लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि आते ही उन्होंने वनकर्मियों से गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट पर उतर आए।

हमलावरों ने वनकर्मियों का कॉलर पकड़कर उन्हें जमीन पर गिराया और धक्का-मुक्की की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।


🔹 ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश, पत्थर जबरन खाली

आरोपियों ने दबंगई दिखाते हुए ट्रैक्टर को दोबारा स्टार्ट किया और आधे पत्थर मौके पर ही खाली कर दिए। दहशत फैलाने के लिए वनकर्मियों के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने का भी प्रयास किया गया। हालात बिगड़ते देख वन विभाग की टीम को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।


🔹 सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना तुरंत करड़ा पुलिस को दी गई। इसके बाद दांतवाड़ा से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मामले की जांच शुरू की।


🔹 6 नामजद, 15–20 अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज

वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर चालक नवाराम देवासी के साथ बगदाराम, जामताराम, वचनाराम, गोवाराम और रमेश को नामजद किया है। इसके अलावा 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि अवैध खनन और सरकारी कर्मचारियों पर हमले को बेहद गंभीर अपराध माना जा रहा है। आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।


🔍 खनन माफिया के हौसले क्यों बुलंद?

यह घटना साफ दिखाती है कि जालौर जैसे इलाकों में खनन माफिया कितने बेखौफ हो चुके हैं। जब कानून की रक्षा करने वाले कर्मचारियों पर खुलेआम हमला होने लगे, तो यह प्रशासन और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। सवाल यह भी है कि क्या सख्त कार्रवाई से ही माफियाओं के हौसले पस्त हो पाएंगे या इसके लिए स्थायी निगरानी तंत्र की जरूरत है।

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