VIDEO: कानपुर अस्पताल में स्टाफ का डांस वायरल, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप…
कानपुर के डफरिन अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें अस्पताल का मेडिकल स्टाफ ड्यूटी के दौरान बॉलीवुड गानों पर डांस करता नजर आ रहा है। वीडियो के वायरल होते ही लोगों ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से कार्रवाई की मांग शुरू कर दी है।
डफरिन अस्पताल में डांस का वीडियो सामने आया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए 30-40 सेकंड के वीडियो में नर्सिंग स्टाफ, वार्ड आया और अन्य कर्मचारी ड्यूटी के दौरान ही अस्पताल परिसर में फिल्मी गानों पर ठुमके लगाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट रूप से कुछ मरीजों के बेड और मेडिकल उपकरण भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना ड्यूटी समय के दौरान हुई।
मरीज और तीमारदार रहे मौजूद, कर्मचारियों का व्यवहार सवालों के घेरे में
वीडियो में मरीजों और उनके तीमारदारों की मौजूदगी के बावजूद कर्मचारी डांस करते दिखाई दे रहे हैं। इस अनुशासनहीनता ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य मंत्री को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो का संबंध 26 जनवरी के जश्न से
सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो कथित तौर पर 26 जनवरी के उत्सव के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। वीडियो वायरल होते ही जिला महिला अस्पताल डफरिन प्रशासन हरकत में आ गया और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया
अस्पताल प्रबंधन ने बयान में कहा, “वीडियो की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है। अगर यह हमारे अस्पताल का है और ड्यूटी समय का साबित होता है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हम मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।”
डफरिन अस्पताल का महत्व और मरीजों की संवेदनशीलता
डफरिन अस्पताल कानपुर का सबसे पुराना महिला अस्पताल है, जो प्रसव और स्त्री रोगों के लिए जाना जाता है। यहां रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं, खासकर गरीब तबके से। ऐसे में ड्यूटी समय पर स्टाफ का डांस न केवल अनुशासनहीनता है, बल्कि मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की कमी को भी उजागर करता है।
पिछले सालों में स्वास्थ्य विभाग पर बढ़ रहे सवाल
उत्तर प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों से पहले भी ऐसे वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिसमें स्टाफ ड्यूटी के दौरान मौज-मस्ती करता पाया गया। ऐसे मामलों से स्वास्थ्य विभाग की छवि प्रभावित हो रही है और लोगों के बीच विश्वास की कमी बढ़ रही है।