राजगढ़ केंद्रीय विद्यालय विवाद में आंदोलन स्थगन के बाद आस्था की पहल, दंडौती यात्रा निकालकर गोविंद देवजी मंदिर में की शांति व समृद्धि की कामना….
राजगढ़ उपखंड में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय को यहीं संचालित करने और दलालपुरा में किए गए भूमि आवंटन को निरस्त करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के स्थगन के बाद रविवार को कस्बे में आस्था और एकजुटता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। आंदोलनकारियों और कस्बेवासियों ने दंडौती यात्रा निकालकर गोविंद देवजी मंदिर में पहुंचकर क्षेत्र की खुशहाली और सकारात्मक समाधान की प्रार्थना की।
आंदोलन स्थगन के बाद आस्था के मार्ग पर राजगढ़
कई दिनों तक चले तीव्र जन आंदोलन को एक माह के लिए स्थगित किए जाने के बाद राजगढ़ में माहौल शांत नजर आया। आंदोलन से जुड़े लोगों ने विरोध की जगह आस्था का रास्ता अपनाते हुए कस्बे के गोल सर्किल से गोविंद देवजी मंदिर तक दंडौती यात्रा निकाली। यह यात्रा कांकवाड़ी बाजार और चौपड़ बाजार से होकर गुजरी।
बाजारों से गुजरती दंडौती यात्रा, पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
दंडौती यात्रा के दौरान मार्ग में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पूरे मार्ग पर धार्मिक वातावरण बना रहा और लोगों ने इसे राजगढ़ के लिए शुभ संकेत बताया। यात्रा में राजगढ़ आवाज मंच के सदस्य, व्यापारी वर्ग और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
केंद्रीय विद्यालय को लेकर वर्षों पुराना असंतोष
आंदोलन से जुड़े मुकेश जैमन ने बताया कि वर्ष 2021 में राजगढ़ उपखंड के लिए केंद्रीय विद्यालय स्वीकृत हुआ था, लेकिन बाद में इसे अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस निर्णय से कस्बेवासियों में गहरा असंतोष फैल गया। उनका कहना है कि केंद्रीय विद्यालय का राजगढ़ से बाहर जाना क्षेत्र के छात्रों और अभिभावकों के हितों के खिलाफ है।
आठ दिन बंद रहे बाजार, जन आंदोलन ने पकड़ा जोर
केंद्रीय विद्यालय के मुद्दे को लेकर कस्बे में लगातार आंदोलन चला। आठ दिनों तक बाजार पूर्ण रूप से बंद रहे, जिससे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बना। शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त आंदोलन के चलते यह मामला जिला और राज्य स्तर तक पहुंचा।
मंत्री के आश्वासन पर एक माह के लिए आंदोलन स्थगित
मुकेश जैमन के अनुसार, गत बुधवार रात वन मंत्री संजय शर्मा और पार्टी पदाधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संवाद कर उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद आंदोलन को एक माह के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया गया। आंदोलनकारियों ने उम्मीद जताई कि इस अवधि में सरकार राजगढ़ के हित में ठोस निर्णय लेगी।
मंदिर में पूजा-अर्चना, सकारात्मक समाधान की कामना
आंदोलन स्थगन के बाद श्रद्धालुओं ने गोविंद देवजी मंदिर में पहुंचकर मत्था टेका और राजगढ़ की शांति, समृद्धि और उन्नति की प्रार्थना की। लोगों का कहना है कि वे संघर्ष के साथ-साथ ईश्वर में भी विश्वास रखते हैं और सकारात्मक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
आंदोलनकारियों की साफ चेतावनी, उम्मीद के साथ सतर्कता
मुकेश जैमन ने कहा,
“केंद्रीय विद्यालय को राजगढ़ से बाहर ले जाने का निर्णय कस्बेवासियों के हित में नहीं है। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि सरकार राजगढ़ के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सही फैसला लेगी।”
अब सरकार के निर्णय पर टिकी निगाहें
फिलहाल आंदोलन स्थगित है, लेकिन कस्बेवासी पूरी तरह सतर्क हैं। यदि तय समय में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो आंदोलन को फिर से तेज किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। केंद्रीय विद्यालय का मुद्दा अब राजगढ़ के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा अहम विषय बन चुका है।