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21 साल से राहगीरों की प्यास बुझा रहे 77 वर्षीय बुजुर्ग, सेवा भाव की मिसाल बने थानाराम

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक बुजुर्ग पिछले 21 वर्षों से बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के राहगीरों की प्यास बुझा रहे हैं। 77 वर्षीय थानाराम कड़वासरा तपती गर्मी में सड़क किनारे ठंडे पानी की व्यवस्था कर लोगों की सेवा कर रहे हैं। उनका यह सेवा भाव अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है और लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं।

21 साल से जारी है सेवा का सफर

बाड़मेर जिले के हूडो की ढाणी गांव निवासी थानाराम कड़वासरा पिछले दो दशकों से अधिक समय से राहगीरों को निशुल्क पानी पिला रहे हैं। बाड़मेर-बटाडू मार्ग पर वे प्रतिदिन मटकों में पानी भरकर रखते हैं ताकि वहां से गुजरने वाले लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। उनका यह कार्य लगातार 21 वर्षों से बिना किसी रुकावट के जारी है।

भीषण गर्मी में बनते हैं सहारा

पश्चिमी राजस्थान में गर्मियों के दौरान तापमान अक्सर 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों, बस सवारों, टैक्सी चालकों और अन्य राहगीरों के लिए ठंडा पानी किसी राहत से कम नहीं होता। थानाराम की व्यवस्था के कारण कई लोग यात्रा के दौरान रुककर पानी पीते हैं और फिर आगे बढ़ते हैं।

बिना प्रचार और बिना दान के सेवा

थानाराम की सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे इसके बदले किसी प्रकार की प्रसिद्धि या आर्थिक सहायता की अपेक्षा नहीं रखते। जिस स्थान पर वे पानी पिलाते हैं, वहां न कोई दान पेटी रखी गई है और न ही किसी प्रकार का प्रचार-प्रसार किया जाता है। उनका मानना है कि प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है और यही उनकी प्रेरणा है।

परिवार भी देता है सहयोग

स्थानीय लोगों के अनुसार थानाराम के इस सेवा कार्य में उनका परिवार भी समय-समय पर सहयोग करता है। मटकों में पानी भरना, व्यवस्था बनाए रखना और राहगीरों की मदद करना उनके परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। यही कारण है कि वर्षों से यह सेवा लगातार जारी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

हाल ही में थानाराम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद उनकी कहानी दूर-दूर तक पहुंच गई। हजारों लोगों ने वीडियो को साझा किया और उनके सेवा भाव की सराहना की। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें इंसानियत की मिसाल बताया, जबकि कुछ ने उन्हें ‘रेगिस्तान का फरिश्ता’ और ‘पानी वाले बाबा’ जैसे नाम दिए।

समाज के लिए प्रेरणास्रोत

77 वर्ष की उम्र में भी जिस समर्पण और ऊर्जा के साथ थानाराम लोगों की सेवा कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि मानवता की सेवा बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि सच्चे मन और नेक इरादों से की जा सकती है। यही वजह है कि उनकी कहानी आज लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है।

लोगों ने बताया इंसानियत की मिसाल

सोशल मीडिया पर लोग लगातार थानाराम की प्रशंसा कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत होते हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद करते हैं। लोगों का मानना है कि थानाराम जैसे व्यक्तित्व मानवता और सेवा की भावना को जीवित रखने का काम कर रहे हैं।

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