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6 सीटों पर उपचुनाव का ऐलान, क्या नंदीग्राम से फिर मैदान में उतरेंगी ममता बनर्जी?

इंट्रो:
चुनाव आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की कुल छह सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इनमें एक लोकसभा और पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। असम की नागांव लोकसभा सीट के अलावा पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होगा। सभी सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। नंदीग्राम सीट के उपचुनाव ने सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा पैदा की है। यहां से सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या ममता बनर्जी एक बार फिर नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतर सकती हैं?

6 सीटों पर 6 अक्टूबर को होगा मतदान

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक छह सीटों पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद परिणाम घोषित होंगे। चुनाव में एक लोकसभा सीट और पांच विधानसभा सीटें शामिल हैं। असम की नागांव लोकसभा सीट के अलावा पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीट, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम तथा पुडुचेरी की थट्टानचावडी सीट पर उपचुनाव होगा। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद चुनाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम सीट इस उपचुनाव का सबसे चर्चित केंद्र बन गई है। सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया। इससे इस सीट पर दोबारा चुनाव की स्थिति बनी है। नंदीग्राम पहले से ही ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच राजनीतिक मुकाबले के लिए चर्चित रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें सुवेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

क्या नंदीग्राम से फिर मैदान में उतरेंगी ममता बनर्जी?

नंदीग्राम में उपचुनाव की घोषणा के बाद सबसे बड़ा सवाल ममता बनर्जी को लेकर उठ रहा है। अगर तृणमूल कांग्रेस यहां किसी बड़े चेहरे को मैदान में उतारती है तो मुकाबला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन सकता है। ममता बनर्जी के नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की अभी कोई पुष्टि नहीं है, लेकिन इस सीट से उनका पुराना राजनीतिक जुड़ाव होने के कारण अटकलें तेज हो गई हैं। उपचुनाव में टीएमसी किसे उम्मीदवार बनाती है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

नंदीग्राम में पिछले चुनाव का क्या रहा था नतीजा?

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में सुवेंदु अधिकारी को 1,27,301 वोट मिले थे, जबकि टीएमसी उम्मीदवार प्रतीभा कर को 1,17,636 वोट हासिल हुए। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी को 1,10,764 वोट मिले थे और ममता बनर्जी को 1,08,808 वोट प्राप्त हुए थे। नंदीग्राम का चुनावी इतिहास बताता है कि यह सीट टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़े राजनीतिक मुकाबले का केंद्र रही है। अब उपचुनाव में दोनों दलों की रणनीति पर सबकी नजर होगी।

रेजीनगर में भी दोबारा होगा विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल की दूसरी सीट रेजीनगर पर भी उपचुनाव होगा। यहां आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। उन्होंने एक अन्य सीट नौदा से भी जीत हासिल की थी। बाद में हुमायूं कबीर ने रेजीनगर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। हुमायूं कबीर को विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था।

नागांव लोकसभा सीट पर भी होगा उपचुनाव

असम की नागांव लोकसभा सीट भी उपचुनाव वाली छह सीटों में शामिल है। यहां से सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई ने विधानसभा चुनाव से पहले लोकसभा सदस्य पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। सीट खाली होने के बाद अब चुनाव आयोग ने यहां उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है। नागांव में भी राजनीतिक दलों के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लोकसभा सीट पर होने वाला मुकाबला राज्य की राजनीति में संदेश देने वाला हो सकता है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी उपचुनाव

तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर भी 6 अक्टूबर को मतदान होगा। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की थट्टानचावडी विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव कराया जाएगा। इन सभी सीटों के लिए चुनाव आयोग ने एक ही कार्यक्रम के तहत मतदान और मतगणना की तारीख तय की है। उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद इन सीटों पर स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक मुकाबला भी स्पष्ट होगा।

उपचुनाव से पहले तेज होगी राजनीतिक हलचल

छह सीटों पर उपचुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही राजनीतिक दल उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति पर काम तेज करेंगे। खासतौर पर नंदीग्राम पर देशभर की नजर रहने की संभावना है। यहां ममता बनर्जी के संभावित चुनाव लड़ने को लेकर अभी सिर्फ राजनीतिक अटकलें हैं। अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही साफ होगी। वहीं अन्य सीटों पर भी स्थानीय समीकरण, उम्मीदवारों की लोकप्रियता और दलों का संगठनात्मक प्रदर्शन चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

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