कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा 5 फीट लंबा मगरमच्छ, मेस में मची अफरा-तफरी; वन विभाग ने किया रेस्क्यू
राजस्थान के कोटा शहर में एक बॉयज हॉस्टल के बेसमेंट स्थित मेस में अचानक 5 फीट लंबा मगरमच्छ घुस आने से छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। प्रारंभिक आशंका है कि हालिया बारिश के कारण मगरमच्छ नाले के रास्ते हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया।
मेस में खाना बन रहा था, तभी सामने आ गया मगरमच्छ
कोटा के कोरल पार्क स्थित एक बॉयज हॉस्टल में उस समय हड़कंप मच गया, जब बेसमेंट में बने मेस में अचानक करीब पांच फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। उस समय मेस में खाना बनाने का काम चल रहा था। मगरमच्छ को देखते ही रसोइये और अन्य कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए वहां से बाहर भाग गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे हॉस्टल परिसर में दहशत का माहौल बन गया और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में छात्र भी मौके पर पहुंच गए।
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छात्रों ने निकालने की कोशिश की, बढ़ गई हलचल
मगरमच्छ के हॉस्टल में होने की सूचना मिलते ही कई छात्र मौके पर जमा हो गए। कुछ छात्रों ने साहस दिखाते हुए उसे बाहर निकालने की कोशिश भी की, लेकिन इससे मगरमच्छ और अधिक घबरा गया तथा मेस के अंदर ही इधर-उधर घूमने लगा। स्थिति को देखते हुए हॉस्टल प्रबंधन ने किसी भी तरह का जोखिम उठाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दी, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।
सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना
हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मगरमच्छ के अंदर आने की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में मगरमच्छ को सीढ़ियों के रास्ते धीरे-धीरे बेसमेंट में बने मेस की ओर जाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सामने आने के बाद घटना की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
वन विभाग ने सुरक्षित किया रेस्क्यू
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत हॉस्टल पहुंची और सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर मगरमच्छ को पकड़ लिया। अधिकारियों के अनुसार रेस्क्यू के दौरान किसी छात्र, कर्मचारी या वन विभाग की टीम के सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास चंबल नदी में छोड़ दिया गया। विभाग ने लोगों से ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर खुद कार्रवाई करने के बजाय तुरंत सूचना देने की अपील की है।
बारिश के बाद नाले के रास्ते पहुंचने की आशंका
वन विभाग के अनुसार हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। हाल ही में कोटा में हुई तेज बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ बहाव के साथ नाले में आ गया और वहीं से हॉस्टल परिसर तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी और नालों के आसपास रहने वाले वन्यजीव कभी-कभी आबादी वाले क्षेत्रों में भी पहुंच जाते हैं, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
पहले भी सामने आ चुका है मगरमच्छ का हमला
कोटा जिले में पिछले महीने भी मगरमच्छ से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई थी। खातौली क्षेत्र में पार्वती नदी में नहाने गए 11 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था। बच्चे ने साहस दिखाते हुए खुद को उसके जबड़े से छुड़ा लिया, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद प्रशासन ने नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से पानी में नहीं उतरने की अपील की थी।
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