राजस्थान में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद 39 वर्षीय महिला ने 10वीं संतान को दिया जन्म
राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में एक 39 वर्षीय महिला ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद अपनी 10वीं संतान को सामान्य प्रसव के जरिए जन्म दिया। गर्भावस्था के दौरान महिला का ब्लड प्रेशर काफी अधिक होने के कारण चिकित्सकों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया था, लेकिन बाद में स्वास्थ्य विभाग की लगातार समझाइश के बाद उसने अस्पताल में भर्ती होकर सुरक्षित प्रसव कराया। चिकित्सकों के अनुसार मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
हाई ब्लड प्रेशर के कारण गर्भावस्था को माना गया था जोखिमपूर्ण
खैरथल-तिजारा जिले के खानपुर गांव की 39 वर्षीय महिला की गर्भावस्था को चिकित्सकों ने हाई रिस्क श्रेणी में रखा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जांच के दौरान महिला का रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) 170 से 190 के बीच दर्ज किया गया, जो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अलवर और बाद में जयपुर के उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया। हालांकि महिला जयपुर जाने के बजाय अपने घर लौट गई थी।
स्वास्थ्य विभाग ने लगातार किया संपर्क और समझाइश
महिला के अस्पताल नहीं पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों ने कई दिनों तक महिला और उसके परिजनों से संपर्क बनाए रखा। सुरक्षित संस्थागत प्रसव के महत्व को समझाने के लिए कई बार गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई और 108 एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई। शुरुआत में महिला घरेलू जिम्मेदारियों का हवाला देकर अस्पताल जाने से इनकार करती रही, लेकिन लगातार समझाइश के बाद वह अस्पताल में भर्ती होने के लिए तैयार हो गई।
निजी अस्पताल में सामान्य प्रसव से जन्मी स्वस्थ बच्ची
स्वास्थ्य विभाग और परिजनों के प्रयासों के बाद महिला को कोटकासिम स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय निगरानी में उसका सामान्य प्रसव कराया गया, जिसमें उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह सामान्य है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद सुरक्षित प्रसव होने से चिकित्सा टीम ने भी राहत की सांस ली।
परिवार में अब 10 बच्चे, वर्ष 2006 में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार महिला की शादी वर्ष 2006 में हुई थी और उनके पति खेती का कार्य करते हैं। यह महिला की 10वीं डिलीवरी है। परिवार में अब कुल 10 बच्चे हैं, जिनमें चार बेटे और छह बेटियां शामिल हैं। यह मामला महिला की अधिक उम्र, लगातार गर्भधारण और हाई ब्लड प्रेशर जैसी चिकित्सीय परिस्थितियों के कारण स्वास्थ्य विभाग के लिए विशेष निगरानी का विषय बना हुआ था।
विशेषज्ञ बोले- हाई रिस्क गर्भावस्था में नियमित जांच जरूरी
चिकित्सकों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थिति में गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और विशेषज्ञों की निगरानी में रहना बेहद जरूरी होता है। समय पर अस्पताल पहुंचना और संस्थागत प्रसव कराना मां और नवजात दोनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने भी गर्भवती महिलाओं से नियमित प्रसव पूर्व जांच कराने और किसी भी चिकित्सकीय सलाह को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
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