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कौन हैं अहमद अल अहमद, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आतंकी से भिड़कर छीनी बंदूक और बचाईं कई जानें?

सिडनी:
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 12 लोगों की मौत हो गई। यह संख्या कहीं ज़्यादा हो सकती थी, अगर मौके पर मौजूद एक आम नागरिक अहमद अल अहमद ने जान की परवाह किए बिना हमलावर से मुकाबला न किया होता।

आज पूरे ऑस्ट्रेलिया में उसी शख्स को ‘हीरो’ कहा जा रहा है।


👤 कौन हैं अहमद अल अहमद?

स्थानीय चैनल 7News के मुताबिक,
अहमद अल अहमद की उम्र 43 साल है और वह पेशे से फल विक्रेता हैं।
हमले के वक्त वह सिर्फ उस इलाके से गुजर रहे थे और उनके पास किसी तरह का हथियार या बंदूक चलाने का कोई अनुभव नहीं था

फिर भी उन्होंने हालात को भांपते हुए जो किया, उसने कई ज़िंदगियां बचा लीं।


🎥 वायरल वीडियो में कैद हुई बहादुरी

सोशल मीडिया पर वायरल एक 15 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि—

  • अहमद पहले खड़ी गाड़ियों के पीछे छिपते हैं
  • फिर अचानक पीछे से बंदूकधारी आतंकी पर झपटते हैं
  • उसकी गर्दन पकड़कर राइफल छीन लेते हैं
  • हमलावर जमीन पर गिर जाता है और अहमद उसी बंदूक को उसकी ओर तान देते हैं

इसी साहसिक कदम की वजह से मौके पर मौजूद कई लोग सुरक्षित निकल पाए।


🏥 खुद भी हुए घायल, करानी पड़ी सर्जरी

रिपोर्ट्स के अनुसार,
अहमद अल अहमद को हमले के दौरान दो गोलियां लगीं
उन्हें उसी रात अस्पताल में सर्जरी के लिए ले जाया गया।
फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।


🗣️ परिवार ने कहा – “वह हीरो है”

7News ने अहमद के चचेरे भाई मुस्तफा से बात की।
उन्होंने कहा,

“वह अस्पताल में है। हमें पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है, लेकिन हम दुआ कर रहे हैं कि वह जल्द ठीक हो जाए। हमारे लिए वह एक हीरो है।”


🚨 पुलिस का बयान: आतंकी घटना घोषित

न्यू साउथ वेल्स पुलिस के अनुसार—

  • हमला हनुक्का उत्सव के दौरान यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर किया गया
  • 29 लोग घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है
  • दोनों हमलावरों की पहचान हो चुकी है
  • एक आतंकी मारा गया
  • दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है
  • पास खड़ी एक गाड़ी से विस्फोटक डिवाइस भी बरामद किया गया है

इस घटना को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी हमला घोषित किया गया है।


🇦🇺 पीएम एंथनी अल्बानीज़ का कड़ा बयान

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने अहमद अल अहमद को खुले तौर पर हीरो बताया और कहा—

“बॉन्डी बीच पर हनुक्का के पहले दिन यहूदी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निशाना बनाकर किया गया हमला एक घिनौना आतंकवादी कृत्य है। यह सिर्फ यहूदियों पर नहीं, पूरे ऑस्ट्रेलिया पर हमला है।”

उन्होंने यह भी साफ किया कि
नफरत, हिंसा और आतंकवाद के लिए ऑस्ट्रेलिया में कोई जगह नहीं है।

हमले के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की आपात बैठक भी बुलाई गई।

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