उद्घाटन के दिन ही आग की चपेट में आया सिद्धि विनायक होटल…
खुशियों का जश्न कुछ ही घंटों में मातम में बदला
वृंदावन से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रुक्मिणी विहार स्थित नए बने सिद्धि विनायक होटल का भव्य उद्घाटन हुआ ही था कि कुछ ही घंटों में यह इमारत आग की लपटों में घिर गई। समारोह में शामिल मेहमानों की खुशियां अचानक अफरा-तफरी और चीख-पुकार में बदल गईं। इस हादसे ने होटल सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शॉर्ट सर्किट से भड़की भीषण आग, होटल में मचा हड़कंप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, होटल की ऊपरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे भवन में फैल गई। घना धुआं भर जाने से अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता तक नजर नहीं आ रहा था। उद्घाटन समारोह में परिवार, रिश्तेदार और अन्य मेहमानों सहित लगभग 40 लोग मौजूद थे, जो कुछ समय के लिए होटल के भीतर ही फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन: क्रेन और दमकल की मदद से बचाई गई जानें
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 6 से अधिक दमकल वाहनों ने आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत शुरू की। अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्रेन की सहायता ली गई। खिड़कियों और बालकनियों के जरिए एक-एक कर लोगों को नीचे उतारा गया। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को तत्काल खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया।
डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग पर पूरी तरह काबू पाने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। धुएं के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई थी, जिससे राहत कार्य में कठिनाई आई। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने साहस दिखाते हुए दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
तीन लोग झुलसे, सभी खतरे से बाहर
इस हादसे में होटल मालिक के परिवार के तीन सदस्य झुलस गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला प्रशासन के मुताबिक, सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई और सभी 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच के आदेश
उद्घाटन के दिन ही हुए इस हादसे ने नए भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। यह घटना बताती है कि उत्सव और भव्यता से ज्यादा जरूरी है सुरक्षा इंतजामों की सख्ती से जांच और पालन।
एक बड़ा हादसा टला, लेकिन सबक जरूरी
वृंदावन की इस घटना में समय पर हुई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि यह मामला याद दिलाता है कि किसी भी व्यावसायिक भवन के संचालन से पहले अग्नि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह जांच और अनुपालन अनिवार्य है। प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि लापरवाही कहां हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।