अभिषेक बनर्जी के घर रेड पर बवाल, TMC ने BJP को घेरा, किर्ती आजाद ने कसा तंज
कोलकाता में TMC नेता अभिषेक बनर्जी के घर देर रात हुई पुलिस रेड को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। इस कार्रवाई के बाद TMC ने इसे राजनीतिक साजिश बताया, जबकि पार्टी सांसद किर्ती आजाद ने तीखा तंज कसते हुए इसे “खोदा पहाड़, निकली चुहिया” करार दिया और बीजेपी पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
रेड को बताया राजनीतिक साजिश, TMC का BJP पर हमला
अभिषेक बनर्जी के आवास पर हुई तलाशी को लेकर TMC नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की गई थी। TMC नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
किर्ती आजाद का तंज—“खोदा पहाड़, निकली चुहिया”
TMC सांसद किर्ती आजाद ने इस पूरे मामले पर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कार्रवाई के नाम पर बड़ा ड्रामा किया गया, लेकिन अंत में कुछ भी नहीं निकला। उन्होंने इसे “खोदा पहाड़, निकली चुहिया” बताते हुए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आजाद ने कहा कि यह मामला साफ तौर पर बीजेपी के दोहरे मापदंड को दिखाता है और विपक्ष को टारगेट करने की रणनीति का हिस्सा है।
अमित शाह के खिलाफ केस की मांग, बढ़ा विवाद
किर्ती आजाद ने बयान में यहां तक कहा कि अगर विपक्षी नेताओं पर केस दर्ज हो सकता है तो गृहमंत्री अमित शाह पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कानून सभी के लिए समान नहीं है और सत्ता का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जा रहा है। इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।
देर रात हुई पुलिस कार्रवाई से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे पुलिस टीम अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी। यह कार्रवाई उनके निजी सचिव सुमित रॉय की तलाश में की गई थी, जिन पर कथित उगाही का मामला दर्ज है। तलाशी के दौरान सुरक्षा कर्मियों से बहस भी हुई और बाद में पुलिस ने घर के कई हिस्सों की जांच की।
ममता बनर्जी भी पहुंचीं, TMC ने बताया बदले की राजनीति
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं। बाद में पुलिस टीम वहां से लौट गई। इस पूरे घटनाक्रम के बाद TMC ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और कहा है कि विपक्ष को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।