यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस पर बढ़ा दबाव, अंतरिक्ष संचार केंद्र निशाने पर; क्रीमिया में ईंधन संकट गहराया
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के भीतर अपने ड्रोन अभियानों की रफ्तार तेज कर दी है। ताजा हमलों में मॉस्को के पास स्थित एक महत्वपूर्ण अंतरिक्ष संचार केंद्र को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। लगातार हो रहे हमलों से रूस पर सैन्य और रणनीतिक दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। वहीं, कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने से हालात और चुनौतीपूर्ण बन गए हैं।
मॉस्को के पास स्थित अंतरिक्ष संचार केंद्र पर ड्रोन हमले का दावा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि मंगलवार को मॉस्को के निकट स्थित डूबना (Dubna) अंतरिक्ष संचार केंद्र पर ड्रोन हमला किया गया। उनके अनुसार, पिछले दो सप्ताह में इस संवेदनशील ठिकाने को दूसरी बार निशाना बनाया गया है। जेलेंस्की ने कहा कि यह केंद्र यूक्रेन की सीमा से 500 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित है, लेकिन लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम यूक्रेनी हथियार वहां तक पहुंचने में सफल रहे। रूस की ओर से इस दावे का औपचारिक खंडन नहीं किया गया है।
मॉस्को पर लगातार हमलों की कोशिश, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार रात भी यूक्रेन ने मॉस्को पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की, जिसे रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने विफल करने का दावा किया। वहीं, मॉस्को से करीब 70 किलोमीटर दूर हुए एक हमले में एक बच्चे की मौत की सूचना सामने आई है। लगातार हो रहे ड्रोन हमलों ने राजधानी और उसके आसपास के इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सतर्क कर दिया है। रूस के लिए यह स्थिति आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
जेलेंस्की बोले- रूस की सैन्य क्षमता कमजोर करना है उद्देश्य
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि हाल के 40 दिनों से चल रहे विशेष अभियान का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना है। उनके अनुसार, यूक्रेनी सेना ने हाल के दिनों में मॉस्को और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गृह नगर सेंट पीटर्सबर्ग सहित कई रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है। यूक्रेन का कहना है कि इन अभियानों का मकसद रूस पर दबाव बढ़ाकर उसे युद्ध समाप्त करने की दिशा में मजबूर करना है।
क्रीमिया में ईंधन आपूर्ति प्रभावित, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता
यूक्रेन के लगातार हमलों का असर रूस के कब्जे वाले क्रीमिया क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के कारण तेल और गैस की उपलब्धता सीमित हो गई है। आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए सामान्य उपभोक्ताओं के लिए ईंधन आपूर्ति पर रोक लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर स्थानीय परिवहन, उद्योग और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है।