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बलरामपुर और सरगुजा में सांप के डसने से दो की मौत, मां-बेटी के कमरे में मिला जहरीला करैत

A scene in Chhattisgarh showing a patient hospitalized after a snakebite and doctors administering treatment.

रात में सोते समय सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं में गई जान, इलाके में दहशत

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और सरगुजा जिलों में सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं ने दो परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। राजपुर थाना क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बतौली क्षेत्र में 51 वर्षीय ग्रामीण ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दोनों घटनाएं उस समय हुईं जब लोग अपने घरों में जमीन पर सो रहे थे। इन घटनाओं के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में डर और सतर्कता का माहौल बन गया है।

मां-बेटी साथ सो रही थीं, आधी रात करैत सांप का डसना

पहली घटना बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र की है, जहां पहाड़ी कोरवा समुदाय की 19 वर्षीय युवती रजनी अपनी मां के साथ कमरे में जमीन पर सो रही थी। आधी रात को उसे अचानक किसी चीज के काटने का एहसास हुआ, जिसके बाद उसने अपनी मां को जगाया। जब मां ने टॉर्च जलाकर देखा तो बिस्तर पर जहरीला करैत सांप मौजूद था। इस दृश्य के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई और युवती की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।

इलाज के दौरान युवती की दर्दनाक मौत

सांप काटने की पुष्टि होने के बाद युवती को पहले राजपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। युवती की असमय मौत से परिवार में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है और लोग रात में सोने के तरीकों को लेकर सतर्कता बरतने की बात कर रहे हैं।

सरगुजा में सोते समय ग्रामीण को भी सांप ने डसा

दूसरी घटना सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम बिलासपुर की है, जहां 51 वर्षीय शिवा अपने घर में जमीन पर सो रहे थे। आधी रात उन्होंने अपने बेटे को बताया कि कमरे में सांप मौजूद है। बेटे ने देखा और सांप को मार दिया, लेकिन शुरुआती जांच में सर्पदंश के निशान स्पष्ट नहीं थे। कुछ समय बाद पिता की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्होंने शरीर में दर्द व जलन की शिकायत की।

अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत, मौत

परिजनों ने स्थिति गंभीर होने पर शिवा को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सर्पदंश की पुष्टि की। इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे सावधानी और भी जरूरी हो जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता, प्रशासन से जागरूकता की मांग

लगातार दो सर्पदंश की घटनाओं के बाद ग्रामीण इलाकों में डर का माहौल है। लोग अब रात में सोने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं और प्रशासन से जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान सांपों का घरों में प्रवेश बढ़ जाता है, इसलिए सावधानी और प्राथमिक उपचार की जानकारी बेहद जरूरी है।

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