#धार्मिक #राज्य-शहर

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: हरिद्वार यात्रा बनी मौत का सफर, एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भीषण कार हादसे का दृश्य

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसे ने हरिद्वार जा रहे एक परिवार की यात्रा को मातम में बदल दिया। बहादुरगढ़ के एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। दो गाड़ियों में सवार यह परिवार धार्मिक यात्रा पर निकला था, लेकिन मंजिल से पहले ही दर्दनाक हादसे ने कई जिंदगियां छीन लीं।

दो गाड़ियों में निकला था परिवार, यात्रा बन गई आखिरी सफर

पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मूल रूप से सोनीपत का रहने वाला और पिछले पांच वर्षों से बहादुरगढ़ में रह रहा यह संयुक्त परिवार 13 सदस्यों के साथ हरिद्वार दर्शन के लिए निकला था। शुक्रवार को परिवार दो अलग-अलग कारों में यात्रा पर रवाना हुआ था। योजना के अनुसार यह यात्रा धार्मिक और पारिवारिक परंपरा का हिस्सा थी, लेकिन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा इस सफर को अंतिम यात्रा में बदल गया।

मंजिल से एक घंटा पहले टूटा परिवार, मौके पर मची चीख-पुकार

हादसा उस समय हुआ जब पहली कार में सवार सात सदस्य दुर्घटना का शिकार हो गए। दूसरी कार में सवार परिवार के अन्य सदस्य कुछ दूरी पर थे। मृतक सुदेश देवी के पुत्र सत्यदेव ने बताया कि परिवार दोपहर में घर से निकला था और कुछ घंटों बाद ही हादसे की सूचना मिली। जब परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक घायलों को अस्पताल ले जाया जा चुका था। हरिद्वार मात्र एक घंटे की दूरी पर था, लेकिन उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो गया।

चार की मौत, दो मासूम बच्चों का उजड़ गया परिवार

पुलिस ने मृतकों की पहचान 8 वर्षीय शिवांश, उनकी दादी सुदेश देवी (65), चाचा प्रवीण (42) और चाची प्रीति (33) के रूप में की है। इस हादसे में प्रवीण और प्रीति के दो बच्चे, जिनकी उम्र 10 और 13 वर्ष है, दूसरी कार में होने के कारण सुरक्षित बच गए। हादसे ने एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को गहरा आघात पहुंचाया है और कई बच्चे अचानक अनाथ हो गए हैं।

अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष

परिवार के सदस्य जयदेव की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार वे गहरे मानसिक सदमे में हैं और उनकी स्थिति स्थिर नहीं है। उन्हें अभी यह जानकारी नहीं दी गई है कि उनके बेटे शिवांश की मौत हो चुकी है। एक अन्य 2 वर्षीय बच्चा भी हादसे में घायल है, जिसका इलाज जारी है।

आर्थिक संकट और टूटता परिवार, प्रशासन से मदद की गुहार

मृतक प्रवीण और घायल जयदेव मिलकर परिवार का ट्रांसपोर्ट व्यवसाय संभालते थे। संयुक्त परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी इन्हीं पर निर्भर थी। अब इस हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। छोटे बच्चों के सिर से माता-पिता और बड़ों का साया उठ चुका है। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता और सहयोग की मांग की है, ताकि भविष्य में बच्चों का पालन-पोषण संभव हो सके।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *