अलवर में दर्दनाक हादसा: हाईटेंशन लाइन का तार बाइक पर गिरा, दो ग्रामीणों की जिंदा जलकर मौत
अलवर जिले के टहला क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। सड़क से गुजर रहे दो ग्रामीणों पर अचानक 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन का तार टूटकर गिर गया। करंट और आग की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और रोजगार दिलाने का आश्वासन दिया है।
चलते वाहन पर मौत बनकर टूटा हाईटेंशन तार
टहला थाना क्षेत्र के धीरोड़ा-दरोगाला मार्ग पर सोमवार शाम एक भयावह हादसा सामने आया। बाइक पर सवार दो ग्रामीण अपने गांव लौट रहे थे, तभी अचानक ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर सीधे उनकी बाइक पर आ गिरा। तार गिरते ही जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ और चिंगारियां निकलने लगीं। कुछ ही सेकंड में बाइक आग की लपटों में घिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि दोनों लोगों को संभलने या खुद को बचाने का कोई मौका नहीं मिला। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई और बाइक पूरी तरह जलकर राख बन गई।
धार्मिक कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक मूलचंद गुर्जर और रमेश गुर्जर किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। दोनों लंबे समय से खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। रास्ते में अचानक हुए इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बिजली आपूर्ति बंद करवाने के बाद ही राहत कार्य शुरू किया जा सका। घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और भय का माहौल पैदा कर दिया।
अस्पताल पहुंची भीड़, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को टहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मोर्चरी में रखवाया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में बिजली लाइनों की स्थिति लंबे समय से खराब थी और कई बार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं किया गया। आक्रोशित लोगों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, उचित मुआवजा और मृतकों के आश्रितों को रोजगार देने की मांग उठाई।
प्रशासन ने दिया सहायता और रोजगार का भरोसा
ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रशासनिक अधिकारी और बिजली निगम के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत अतिरिक्त मदद दिलाने और परिवार के एक सदस्य को संविदा आधारित रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास की बात कही गई। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। मृतक मूलचंद गुर्जर अपने पीछे बच्चों और परिवार की जिम्मेदारियां छोड़ गए हैं, जबकि रमेश गुर्जर के परिवार का भी मुख्य सहारा अब नहीं रहा। दोनों परिवारों के सदस्य घटना के बाद सदमे में हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बिजली लाइन का समय पर रखरखाव किया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। अब पूरा क्षेत्र हादसे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है।