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कंबल लौटाने के मामले ने पकड़ा तूल, टोंक में BJP–कांग्रेस आमने-सामनेटोंक के करेड़ा गांव में कंबल वितरण के दौरान हुआ विवाद

राजस्थान के टोंक जिले के करेड़ा गांव में 22 फरवरी को कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में वह एक महिला से नाम पूछने के बाद उसे दिया गया कंबल वापस लेते नजर आ रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है।

पूर्व सांसद का पक्ष: बताया निजी फैसला

इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने कहा कि कंबल देना या वापस लेना उनका निजी निर्णय है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत अधिकार बताते हुए किसी तरह की भेदभाव की मंशा से इनकार किया है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस कदम की तीखी आलोचना हो रही है।

बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य की प्रतिक्रिया

इस विवाद पर बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि यह मुद्दा हिंदू-मुस्लिम का नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द किसी को भी स्वीकार नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने विवाद से जुड़ा वीडियो नहीं देखा है। आचार्य ने दावा किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी वर्गों को समान रूप से मिलता है।

अशोक गहलोत का हमला, घटना को बताया देश की दिशा पर सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की सामाजिक दिशा पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि समाज में भेदभाव फैलाने वाली सोच स्वीकार्य नहीं हो सकती। गहलोत ने इस दौरान प्रधानमंत्री की प्रस्तावित अजमेर यात्रा और कॉलेज उद्घाटन को लेकर भी पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के योगदान का उल्लेख किया।

सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने पीएम को लिखा पत्र

टोंक–सवाई माधोपुर से वर्तमान सांसद हरीश चन्द्र मीणा ने आरोप लगाया कि कंबल वितरण के दौरान कुछ महिलाओं से उनका धर्म पूछा गया और बाद में कंबल वापस ले लिए गए। उन्होंने इसे समाज में नफरत फैलाने वाला कृत्य बताया। सांसद मीणा ने इस मामले में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का जवाबी कार्यक्रम

कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष एमडी चोपदार ने कहा कि नफरत की राजनीति का जवाब सद्भाव से दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि मंगलवार को टोंक में सर्वधर्मीय महिलाओं को कंबल वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देना बताया गया है। बताया गया है कि जिन महिलाओं से पहले कंबल वापस लिए गए थे, उन्हें भी नए कंबल दिए जाएंगे।

राजनीतिक बयानबाजी तेज, प्रशासन की भूमिका पर निगाह

कंबल वितरण विवाद को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। फिलहाल विवाद से जुड़ी किसी आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक

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